वृंदावन में रिमझिम बारिश के बीच राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु पहुंचीं प्रेमानंद महाराज के आश्रम, भक्ति और आध्यात्म पर गहन संवाद
वृंदावन। ब्रजभूमि में चल रही अपनी तीन दिवसीय धार्मिक यात्रा के दूसरे दिन भारत की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार सुबह रिमझिम बारिश के बीच वृंदावन स्थित श्रीहित राधा केली कुंज आश्रम पहुंचकर संत प्रेमानंद महाराज के चरणों में प्रणाम किया और आध्यात्मिक आशीर्वाद प्राप्त किया।

वृंदावन स्थित श्रीहित राधा केली कुंज आश्रम पहुंचने पर राष्ट्रपति का स्वागत करते एक संत।
आज सुबह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अपने ब्रज प्रवास के दूसरे दिन मथुरा जनपद के वृंदावन परिक्रमा मार्ग स्थित श्री हित राधा केली कुंज आश्रम पहुंचीं। हल्की बूंदाबांदी के बीच राष्ट्रपति का यह आगमन भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम बन गया।
आश्रम पहुंचने पर राष्ट्रपति ने संत प्रेमानंद महाराज से भेंट की और उनके साथ गहन आध्यात्मिक वार्तालाप किया। इस दौरान संत प्रेमानंद महाराज ने ब्रज की प्राचीन भक्ति परंपरा, यमुना संरक्षण और समाज सेवा से जुड़े अपने कार्यों और विचारों से राष्ट्रपति को अवगत कराया। राष्ट्रपति ने संत के इन प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संत समाज को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
भेंट के दौरान संत प्रेमानंद महाराज ने राष्ट्रपति को आशीर्वाद स्वरूप प्रसाद एवं स्मृति चिन्ह भेंट किया। वहीं राष्ट्रपति ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को आगे बढ़ाने में संतों के योगदान को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
इससे पूर्व गुरुवार शाम वृंदावन पहुंची राष्ट्रपति मुर्मू का भव्य स्वागत किया गया था। उन्होंने प्रसिद्ध कृष्ण-बलराम मंदिर में राधा-कृष्ण के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
राष्ट्रपति के इस दौरे के दौरान पूरे वृंदावन क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। उनके कार्यक्रम के तहत शुक्रवार शाम को वे वात्सल्य ग्राम आश्रम में साध्वी ऋतम्भरा (दीदी मां) से भेंट करने भी जाएंगी।
राष्ट्रपति का यह ब्रज दौरा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, आध्यात्म और संत परंपरा के प्रति उनकी गहरी आस्था को भी दर्शा रहा है।