फतेहपुर सीकरी दरगाह में शायरी की गूंज, ‘रंग ए सूफियाना’ ने जलाई कौमी एकता की मशाल!
आगरा। फतेहपुर सीकरी स्थित हजरत शेख सलीम चिश्ती की दरगाह में आयोजित ‘रंग ए सूफियाना’ ने कार्यक्रम को कौमी एकता, भाईचारे और सूफियाना रंग में रंग दिया। देर रात तक चले कौमी मुशायरे में देशभर के नामचीन शायरों ने अपनी शायरी से समां बांध दिया, वहीं भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद राजकुमार चाहर ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए अमन का संदेश दिया।
देर रात पहुंचे सांसद, दिया अमन और भाईचारे का संदेश
बुधवार की रात करीब 11:00 बजे दरगाह पहुंचे भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद राजकुमार चाहर ने कौमी मुशायरे का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने अपने संबोधन में समाज में भाईचारा, सौहार्द और एकता को मजबूत करने पर जोर दिया।
सज्जादानशीं की अध्यक्षता में सजी अद्भुत महफिल
दरगाह के सज्जादानशी पीरजादा अरशद फरीदी चिश्ती की अध्यक्षता में आयोजित इस मुशायरे में देश के नामी-गिरामी शायरों ने अपनी प्रस्तुतियों से देर रात तक श्रोताओं को बांधे रखा। कार्यक्रम का संचालन एंकर शाजिया अलीम ने अपनी जादुई आवाज में किया और शायरों का शानदार परिचय कराया।
456वें उर्स में खचाखच भरा दरगाह प्रांगण
हजरत शेख सलीम चिश्ती के 456वें सालाना उर्स के अवसर पर दरगाह प्रांगण खचाखच भरा रहा। जैसे-जैसे रात गहराती गई, सूफियाना रंग और भी गाढ़ा होता गया और कौमी एकता की यह महफिल अपने चरम पर पहुंच गई।
शायरों ने बिखेरा जादू, खूब बटोरी वाहवाही
मुशायरे में सारिका मलिक ने अपनी गजल—“जो कहते थे आसमां है तुम्हारा, वही मेरी शोहरत से जलने लगे हैं…” सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
अलंकृत श्रीवास्तव ने पढ़ा—“जब जमाने में कहीं ना मिली दुख की दवा, ज़हन में तब मेरे मालिक ने उतारी गज़लें…”। इस पर जमकर तालियां बजीं।
विश्व प्रसिद्ध शायर मंजर भोपाली ने अपनी नज्म—“दफ्तर वजीर का हो ना दरबार शाह का, फरियाद करने वाली कोई खानकाह हो…” से खूब वाहवाही लूटी।
देशभर के शायरों ने बांधे रखा समां
मुशायरे में डॉ माजिद देवबंदी, डॉ महताब आलम, जनाब मोइन शादाव, डॉ मुमताज आलम रिज़वी, डॉ वसीम राशिद सहित देश के विभिन्न शहरों से आए और स्थानीय शायरों ने अपनी प्रस्तुतियों से रात 3:00 बजे तक श्रोताओं को बांधे रखा।
सज्जादानशी पीरजादा अरशद फरीदी चिश्ती ने दो दिवसीय ‘रंग ए सूफियाना’ कार्यक्रम की सफलता के लिए बाबा से दुआ की और सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। साथ ही इस सूफियाना आयोजन को हर वर्ष आयोजित करने का ऐलान किया गया।