आगरा के अतिथिवन में एक्मा का संवाद कार्यक्रम जीएसटी और आयकर नियमों पर मंथनः बदलते टैक्स नियमों और डिजिटल अनुपालन ने बढ़ाई व्यापारियों की चिंता, विशेषज्ञों ने बताए समाधान

आगरा। वाटर वर्क्स स्थित अतिथिवन में इंजीनियरिंग कंपोनेंट मैनुफैक्चरिंग एसोसिएशन (एक्मा) की ओर से व्यापारियों के लिए एक महत्वपूर्ण संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें जीएसटी और आयकर के नए नियमों, उनकी जटिलताओं तथा अनुपालन से जुड़ी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

May 18, 2026 - 21:00
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आगरा के अतिथिवन में एक्मा का संवाद कार्यक्रम जीएसटी और आयकर नियमों पर मंथनः बदलते टैक्स नियमों और डिजिटल अनुपालन ने बढ़ाई व्यापारियों की चिंता, विशेषज्ञों ने बताए समाधान
अतिथिवन में एक्मा के आयकर-जीएसटी मंथन में मौजूद संस्था के पदाधिकारी और कर विशेषज्ञ।

कार्यक्रम में जीएसटी एवं आयकर विशेषज्ञों ने व्यापारियों को बदलते कर ढांचे के व्यावहारिक प्रभावों से अवगत कराया और समस्याओं के समाधान भी बताए। चर्चा का मुख्य केंद्र बढ़ता अनुपालन दबाव, डिजिटल सिस्टम की अनिवार्यता और नियमों में लगातार हो रहे बदलाव रहे।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सीए निखिल गुप्ता ने जीएसटी से जुड़ी प्रक्रियाओं पर विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि व्यापारियों को जीएसटी अपील, विशेषकर जीएसटी ट्रिब्यूनल में अपील दाखिल करते समय समय सीमा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि प्री-डिपॉजिट, दस्तावेजों का सही मिलान, रिटर्न का सटीक रिकॉर्ड, फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट से बचाव और ई-वे बिल व्यवस्था का पालन बेहद आवश्यक है।

उन्होंने यह भी बताया कि एक अप्रैल से जीएसटी में कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू हुए हैं, जिनमें ई-इनवॉइसिंग की सीमा में संशोधन और इनपुट टैक्स क्रेडिट मिलान की प्रक्रिया को और अधिक सख्त किया गया है। सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्णयों के अनुसार केवल तकनीकी त्रुटियों के आधार पर वास्तविक व्यापारियों का इनपुट टैक्स क्रेडिट पूरी तरह रोका नहीं जा सकता, और विभागीय कार्रवाई में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है। साथ ही जीएसटी पोर्टल पर नोटिस ट्रैकिंग और अपील प्रक्रिया को डिजिटल रूप से और अधिक सरल बनाया गया है।

वहीं आयकर विशेषज्ञ सीए अरविंद अग्रवाल ने इनकम टैक्स एक्ट में हुए बदलावों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बढ़ती डिजिटल निगरानी और ऑनलाइन अनुपालन के कारण छोटे व्यापारियों और पारंपरिक व्यवसायों पर रिकॉर्ड अपडेट रखने का दबाव काफी बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि टीडीएस-टीसीएस नियमों की सख्ती, बैंकिंग लेनदेन पर निगरानी और आय-व्यय के डेटा मिलान में छोटी सी त्रुटि पर भी नोटिस जारी होने की स्थिति बन रही है।

उन्होंने कहा कि बार-बार पोर्टल अपडेट, बदलते नियम और समय पर रिटर्न दाखिल करने की बाध्यता के कारण व्यापारियों को अब तकनीकी जानकारी और विशेषज्ञ सलाह की अधिक आवश्यकता महसूस हो रही है।

कार्यक्रम के संयोजक अमित मित्तल ने व्यापारियों की विभिन्न शंकाओं का समाधान किया और जीएसटी व आयकर प्रक्रियाओं को सरल भाषा में समझाया। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन अध्यक्ष अतुल गोयल ने किया।

इस अवसर पर सचिव मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष मनोज अग्रवाल, उपाध्यक्ष नितिन गर्ग, उमेश बंसल, योगेश राय, मनोज गर्ग, दीपेंद्र बंसल, सुलभ गर्ग, अमित जैन, अतुल गुप्ता, संजय सहित अनेक पदाधिकारी एवं व्यापारी मौजूद रहे।

SP_Singh AURGURU Editor