फर्जी शस्त्र लाइसेंस कांड एक साल बाद भी जांच के घेरे में, 25 मई को हाईकोर्ट में सुनवाई

आगरा के चर्चित फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध असलाह मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में सोमवार को सुनवाई नहीं हो सकी। आरोपी मोहम्मद जैद की अग्रिम जमानत याचिका पर अब 25 मई को सुनवाई होगी। STF ने नाई की मंडी थाने में केस दर्ज कर आरोप लगाया था कि फर्जी दस्तावेज और जन्मतिथि में हेराफेरी कर शस्त्र लाइसेंस हासिल किया गया। मामले में नेशनल शूटर मोहम्मद अरशद खान और रिटायर्ड असलाह क्लर्क संजय कपूर समेत सात आरोपी शामिल हैं। 24 मई को STF की एफआईआर को एक वर्ष पूरा हो जाएगा।

May 19, 2026 - 16:50
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फर्जी शस्त्र लाइसेंस कांड एक साल बाद भी जांच के घेरे में, 25 मई को हाईकोर्ट में सुनवाई

सोमवार को हाईकोर्ट में टली सुनवाई,आरोपी मोहम्मद जैद की अग्रिम जमानत पर 25 मई को फैसला संभव
 
आगरा। आगरा के बहुचर्चित फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध असलाह प्रकरण में सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी। अब मामले की अगली सुनवाई 25 मई को निर्धारित की गई है। इस मामले में आरोपी मोहम्मद जैद द्वारा दाखिल अग्रिम जमानत याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है।

बताया जा रहा है कि मोहम्मद जैद की अग्रिम जमानत अर्जी पहले ही आगरा की निचली अदालत से खारिज हो चुकी है। इसके बाद आरोपी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
यह मामला उस समय सुर्खियों में आया था जब उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स ने आगरा के नाई की मंडी थाना में केस नंबर 33/2025 दर्ज कराया था। मुकदमे में IPC की धारा 420, 467, 468, 471 के साथ आर्म्स एक्ट की धारा 3/25/30 शामिल की गई थीं।

एसटीएफ जांच में आरोप लगाया गया कि फर्जी दस्तावेजों और जन्मतिथि में हेराफेरी कर शस्त्र लाइसेंस हासिल किया गया। जांच एजेंसी के अनुसार लाइसेंस बनवाने के दौरान वर्ष 1972 की जगह 1975 दर्शाया गया था, ताकि नियमों के अनुरूप दस्तावेज प्रस्तुत किए जा सकें। मोहम्मद जैद पर अपनी आपराधिक पृष्ठभूमि छिपाने का भी आरोप है। एसटीएफ का दावा है कि फर्जी लाइसेंस के जरिए विदेशी और अवैध हथियारों की खरीद की गई।

इस चर्चित मामले में नेशनल शूटर मोहम्मद अरशद खान, रिटायर्ड असलाह क्लर्क संजय कपूर समेत कुल सात लोगों को आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह पूरा नेटवर्क फर्जी दस्तावेजों के जरिए हथियार लाइसेंस जारी कराने में सक्रिय था। गौरतलब है कि एसटीएफ द्वारा दर्ज इस एफआईआर को 24 मई को एक वर्ष पूरा हो जाएगा, लेकिन मामला अभी भी जांच और न्यायिक प्रक्रिया में बना हुआ है। ऐसे में 25 मई को होने वाली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।