लगातार पांचवीं जीत का परचम: रौनक उपमन्यु ने आईआईटी दिल्ली में फिर मारी बाज़ी, डिबेट की दुनिया में रचा राष्ट्रीय रिकॉर्ड
मथुरा। जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के विधि संकाय के अंतिम वर्ष के छात्र रौनक उपमन्यु ने राष्ट्रीय स्तर पर ऐसा परचम लहराया है, जिसने न केवल विश्वविद्यालय बल्कि पूरे ब्रज क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है। रौनक ने प्रतिष्ठित आईआईटी दिल्ली में आयोजित मॉडल यूनाइटेड नेशंस (एमयूएन) प्रतियोगिता में लगातार पांचवीं बार जीत दर्ज कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
रौनक उपमन्यु का यह सफर केवल एक प्रतियोगिता तक सीमित नहीं है। उन्होंने अब तक देशभर में आयोजित 528 डिबेट प्रतियोगिताओं में भाग लिया है। इनमें से 295 प्रतियोगिताओं में सक्रिय रूप से प्रतिस्पर्धा करते हुए 267 बार प्रथम स्थान हासिल कर वे देश के पहले ऐसे छात्र-डिबेटर बन गए हैं, जिन्होंने इतनी बड़ी संख्या में जीत दर्ज कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किया है।
इसी सप्ताह रौनक ने दिल्ली विश्वविद्यालय के मेडिकल कॉलेज में आयोजित युवा संसद प्रतियोगिता में भी प्रथम स्थान प्राप्त कर ब्रज का गौरव बढ़ाया। इसके अलावा वे 218 प्रमुख डिबेट प्रतियोगिताओं में निर्णायक (जज) की भूमिका निभा चुके हैं, जबकि 15 प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन स्वयं कर चुके हैं।
रौनक की उपलब्धियों की सूची यहीं नहीं रुकती। दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज में आयोजित प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर उन्हें केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर द्वारा सम्मानित किया गया। वहीं इंदौर इंस्टिट्यूट ऑफ लॉ, आईआईटी दिल्ली और इंडियन नेशनल कांग्रेस द्वारा आयोजित युवा संसद प्रतियोगिताओं में भी वे विजेता रहे, जहां पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला और सांसद राजीव शुक्ला ने उन्हें सम्मानित किया।
वर्ष 2026 में ही रौनक ने दिल्ली आईआईटी, इंद्रप्रस्थ सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान अगरतला, ज़ाकिर हुसैन दिल्ली कॉलेज, एमिटी विश्वविद्यालय गुरुग्राम, आईआईटी रुड़की, दौलत राम कॉलेज, स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज, यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज़ और पंजाब विश्वविद्यालय सहित विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों में आयोजित प्रतियोगिताओं में भाग लेकर मात्र दो महीनों में 13 प्रथम पुरस्कार जीतकर अपनी असाधारण प्रतिभा का परिचय दिया। पंजाब विश्वविद्यालय में एबीवीपी के अध्यक्ष गौरव वीर सोहल ने उन्हें विजेता शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया।
रौनक की इस उपलब्धि ने यह सिद्ध कर दिया है कि कठिन परिश्रम, तार्किक क्षमता और प्रभावशाली वक्तृत्व कौशल के बल पर राष्ट्रीय मंचों पर असाधारण सफलता हासिल की जा सकती है। जीएलए विश्वविद्यालय का विधि संकाय भी इस सफलता के पीछे एक मजबूत आधार के रूप में सामने आया है, जहां मूट कोर्ट, शोध-आधारित अध्ययन, प्रायोगिक प्रशिक्षण और अनुभवी प्राध्यापकों का मार्गदर्शन छात्रों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करता है।
जीएलए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने रौनक को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और समर्पित शिक्षण पद्धति का सशक्त प्रमाण है। वहीं विधि संकाय के डीन प्रो. सोमेश धमीजा ने इसे विधि शिक्षा और डिबेटिंग परंपरा के लिए एक स्वर्णिम अध्याय बताया। रौनक उपमन्यु, एनयूजेआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं ब्रज प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ. कमलकांत उपमन्यु एडवोकेट के सुपुत्र हैं।