आगरा किला के सामने धधकी आग, काले धुएं से घिरा आसमान

आगरा किला के सामने मेट्रो स्टेशन के पास बुधवार दोपहर झाड़ियों और कूड़े के ढेर में भीषण आग लग गई। प्लास्टिक जलने से आसमान में काला धुआं फैल गया, जो करीब एक किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा था। आग लगभग एक घंटे तक धधकती रही। घटना स्थल के नीचे मेट्रो ट्रैक होने से लोगों में चिंता बढ़ गई। स्थानीय लोगों ने पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाए, जबकि आग लगने की वजह जलती सिगरेट या बीड़ी मानी जा रही है।

May 27, 2026 - 21:13
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आगरा किला के सामने धधकी आग, काले धुएं से घिरा आसमान
आगरा फोर्ट  के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने दोपहर में अचानक झाड़ियों में लगी आग।

मेट्रो स्टेशन के पास झाड़ियों और कूड़े में लगी भीषण आग, एक घंटे तक उठती रहीं लपटें

आगरा। आगरा फोर्ट  के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने बुधवार दोपहर अचानक उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब मेट्रो स्टेशन के पास झाड़ियों में आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने आसपास पड़े कूड़े के ढेर को भी अपनी चपेट में ले लिया और कुछ ही मिनटों में आसमान में काले धुएं का विशाल गुबार दिखाई देने लगा।

स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि लगभग एक किलोमीटर दूर से भी धुएं का गुबार साफ नजर आ रहा था। स्थानीय लोगों के मुताबिक आग दोपहर करीब 2 बजे लगी और करीब एक घंटे तक आग की लपटें उठती रहीं।

प्लास्टिक जलने से फैला जहरीला धुआं

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि झाड़ियों के बीच भारी मात्रा में कूड़ा जमा था, जिसमें प्लास्टिक और अन्य ज्वलनशील सामग्री भी शामिल थी। आग कूड़े तक पहुंचते ही काला और जहरीला धुआं तेजी से फैलने लगा। आग की वजह से आसपास से गुजरने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़क से गुजर रहे कई वाहन चालकों ने अपने वाहन रोक दिए और लोग आग का वीडियो बनाने लगे।

मेट्रो ट्रैक के नीचे धधकती रहीं लपटें

जिस स्थान पर आग लगी, उसके ठीक नीचे से मेट्रो ट्रैक गुजर रहा है और पास में ही मेट्रो स्टेशन भी मौजूद है। ऐसे में लोगों ने चिंता जताई कि यदि आग और फैलती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि आग काफी देर तक जलती रही, लेकिन शुरुआती समय में न तो आग बुझाने की कोशिश की गई और न ही तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई।

राहगीरों ने जताई नाराजगी

घटना के दौरान कई राहगीर मौके पर रुक गए। लोगों का आरोप था कि चौराहे पर तैनात पुलिसकर्मियों ने आग बुझाने की दिशा में कोई सक्रिय प्रयास नहीं किया। सपा नेता श्याम भोजवानी ने बताया कि वे करीब 45 मिनट से आग की लपटें उठती देख रहे थे, जबकि आग उससे पहले से लगी हुई थी। उन्होंने कहा कि इतनी संवेदनशील जगह पर आग लगना और लंबे समय तक धधकते रहना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।

सिगरेट या बीड़ी से लगी आग की आशंका

स्थानीय लोगों का अनुमान है कि किसी राहगीर द्वारा जलती हुई सिगरेट, बीड़ी या माचिस की तीली फेंकने से सूखी झाड़ियों में आग लगी होगी। गर्म मौसम और सूखी घास ने आग को तेजी से फैलाने का काम किया। गौरतलब है कि आगरा में खुले में कूड़ा जलाने पर प्रतिबंध है, बावजूद इसके शहर के कई इलाकों में अब भी खुले में कूड़ा जलाने की घटनाएं सामने आती रहती हैं।