फाइव स्टार होटलों में सपनों का कारोबार, आगरा में निवेश के नाम पर 12 लाख की ठगी का खुलासा

आगरा में फाइव स्टार होटलों में सेमिनार कर लोगों को निवेश के नाम पर ठगने वाला गिरोह सक्रिय पाया गया। एक युवक से 20 महीने में पैसा दोगुना करने का झांसा देकर 12 लाख रुपये ठग लिए गए। साइबर क्राइम पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Apr 14, 2026 - 17:19
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फाइव स्टार होटलों में सपनों का कारोबार, आगरा में निवेश के नाम पर 12 लाख की ठगी का खुलासा
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20 महीने में रकम दोगुनी करने का लालच, फर्जी ऐप में दिखाया मुनाफा, सच्चाई सामने आते ही उड़ गए होश

आगरा। आगरा में निवेश के नाम पर ठगी का एक संगठित और हाई-प्रोफाइल खेल सामने आया है, जहां फाइव स्टार होटलों में सेमिनार आयोजित कर लोगों को बड़े मुनाफे के सपने दिखाए जा रहे हैं। चमक-दमक और प्रोफेशनल प्रेजेंटेशन के पीछे छिपा यह जाल अब खुलने लगा है।

शमसाबाद रोड स्थित कहरई मोड़ निवासी प्रदीप कुमार उपाध्याय, जो एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं, इस ठगी का शिकार बने। उन्होंने बताया कि जुलाई 2025 में संजय प्लेस क्षेत्र में उनकी मुलाकात शंकर प्रसाद गुप्ता से हुई। बातचीत के दौरान शंकर ने “सी प्राइम कैपिटल एलएलसी” नाम की कंपनी का प्रस्ताव रखते हुए 20 महीने में रकम दोगुनी करने का दावा किया।

सेमिनार में बुना गया भरोसे का जाल

आरोपियों ने प्रदीप को देहरादून के एक बड़े होटल में आयोजित सेमिनार में बुलाया। वहां कंपनी से जुड़े लोगों ने आकर्षक प्रेजेंटेशन और कथित सफलता की कहानियों के जरिए निवेश का माहौल तैयार किया। इस ‘कॉरपोरेट अंदाज’ से प्रभावित होकर प्रदीप ने अलग-अलग किश्तों में 10 लाख रुपये निवेश कर दिए। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने दो परिचितों को भी इस स्कीम में शामिल करवा दिया, जिन्होंने 1-1 लाख रुपये लगाए।

फर्जी ऐप से दिखाया जाता रहा मुनाफा

विश्वास को और मजबूत करने के लिए आरोपियों ने प्रदीप के मोबाइल में “MT-5” नाम का एप डाउनलोड कराया और उसमें एक आईडी बनवाई। इस ऐप में लगातार मुनाफा बढ़ता हुआ दिखाया जाता रहा, जिससे प्रदीप को लगा कि उनका निवेश सही दिशा में जा रहा है।
लेकिन असली खेल तब सामने आया, जब उन्होंने अपनी रकम निकालने की कोशिश की। हर बार नए बहाने बनाए गए और पैसे देने से टालमटोल शुरू हो गई।

सच्चाई आई सामने, खुला फर्जीवाड़े का राज

शक होने पर प्रदीप ने कंपनी के बारे में जानकारी जुटाई, तो पता चला कि “सी प्राइम कैपिटल एलएलसी” भारत में निवेश या ट्रेडिंग के लिए अधिकृत ही नहीं है। इसके बाद उन्होंने तुरंत साइबर क्राइम थाना में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस की कार्रवाई जारी

साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस पूरे नेटवर्क और इसके पीछे जुड़े अन्य लोगों की भी जांच कर रही है। आशंका है कि यह गिरोह कई अन्य लोगों को भी इसी तरह ठग चुका है।

सावधान रहें, ऐसे जाल से बचें

अत्यधिक मुनाफे के दावे से सतर्क रहें। अनजान कंपनियों में निवेश से पहले जांच करें। फर्जी ऐप और प्लेटफॉर्म से दूरी बनाए रखें। सेमिनार और प्रेजेंटेशन के झांसे में न आएं।