अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर औपचारिक आयोजन, जनभागीदारी नदारद- फतेहपुर सीकरी में जागरूकता अभियान की कमी उजागर
-महावीर सिंह वर्मा- फतेहपुर सीकरी। अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के अवसर पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम इस बार भी औपचारिकता तक सीमित रह गया। ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और उनके महत्व के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में विभागीय अधिकारी, कर्मचारी और स्मारक से जुड़े लोग ही मौजूद रहे, जबकि आमजन और विद्यार्थियों की भागीदारी लगभग अनुपस्थित रही।
कार्यक्रम में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण आगरा सर्किल के सहायक अधीक्षक जितेंद्र कुमार, सर्किल अधिकारी दिलीप सिंह, सहायक सर्किल अधिकारी अजय मीणा, एसआईएस सिक्योरिटी इंचार्ज मुकेश यादव, गाइड रंजीत चौधरी, इस्माइल खान, नरेंद्र शर्मा, सतीश चंद्र, बबलू कुरैशी, जाकिर, मानसिंह वर्मा, अफसार कुरैशी, शकील कुरैशी, रईस कुरैशी एवं रिजवान कुरैशी सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
हालांकि कार्यक्रम स्थल पर आम नागरिकों और विद्यार्थियों की अनुपस्थिति ने आयोजन की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि संग्रहालय दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर विभाग को स्कूलों और गांवों के बच्चों को आमंत्रित कर फतेहपुर सीकरी स्मारक का भ्रमण कराना चाहिए था, जिससे उन्हें ऐतिहासिक धरोहरों और उनके संरक्षण के महत्व की प्रत्यक्ष जानकारी मिलती।
स्थानीय नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया कि कार्यक्रम केवल विभागीय उपस्थिति तक ही सीमित रह गया और इसमें जनसंपर्क व जनजागरूकता की कमी साफ दिखाई दी। यदि पहले से ही स्कूलों के साथ समन्वय कर विशेष गाइडेड टूर, शैक्षिक सत्र और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते तो इसका प्रभाव कहीं अधिक व्यापक हो सकता था।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्मारकों और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण का संदेश तभी प्रभावी रूप से समाज तक पहुंचेगा, जब नई पीढ़ी को सीधे इनसे जोड़ा जाएगा। इसके लिए नियमित शैक्षिक गतिविधियां और स्थानीय स्तर पर जनभागीदारी कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक हैं, जो फिलहाल इस तरह के आयोजनों में कमजोर नजर आ रहे हैं।