आगरा की चार बेटियों ने रचा इतिहास: अपर जिला जज की बिटिया काव्या सिंह के साथ ही शहर की जैस्मिन वर्मा, वैष्णवी शर्मा, हिमिका और जगनेर के हरिविंदर ने भी यूपीपीएससी में पाई सफलता
-गौरव प्रताप सिंह- आगरा। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) 2024 के घोषित परिणाम में आगरा की बेटियों ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। आगरा की चार बेटियों के साथ ही एक युवक ने भी इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता पाई है। इनमें आगरा के विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट और अपर जिला जज कुंदन किशोर सिंह की बेटी काव्या सिंह भी शामिल है। काव्या के चयन ने पूरे न्यायिक परिसर को भावुक और गौरवान्वित कर दिया। सफलता की खबर मिलते ही जज कंपाउंड में बधाई देने वालों का तांता लग गया और जश्न का माहौल बन गया।
इस वर्ष 947 पदों के लिए आयोजित यूपीपीएससी परीक्षा में प्रारंभिक, मुख्य और साक्षात्कार के कठिन चरणों को पार कर काव्या सिंह ने सफलता हासिल की। काव्या ने बताया कि बचपन से ही अधिकारी बनकर जनता की सेवा करना उनका सपना था। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता को दिया।
मां शशि लता ने बताया कि काव्या शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल रही हैं और उन्हें विश्वास था कि एक दिन वह परिवार का नाम रोशन करेंगी। रविवार को जैसे ही परिणाम आया और बेटी का नाम सूची में देखा, तो उनकी और उनके पति की आंखें नम हो गईं। पिता कुंदन किशोर सिंह ने कहा कि आज बेटियां हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही हैं और काव्या की सफलता इसका जीवंत उदाहरण है।
काव्या सिंह की शैक्षिक यात्रा भी बेहद प्रेरणादायक रही है। उन्होंने हाईस्कूल सीएमएस स्कूल लखनऊ से और इंटरमीडिएट सेंट पैट्रिक्स स्कूल आगरा से प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण किया। इसके बाद गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी से बीटेक और एमटेक की डिग्री हासिल की। आगे चलकर उन्होंने मेरठ यूनिवर्सिटी से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की और फिर पूरी लगन से यूपीपीएससी की तैयारी में जुट गईं।
परिवार में काव्या की सफलता ने नई ऊर्जा भर दी है। उनकी बहन परिधि सिंह भी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रही हैं, जबकि भाई दिव्यांश सिंह, जिन्होंने हाल ही में दसवीं की परीक्षा दी है, पढ़ाई में अव्वल हैं। दोनों भाई-बहनों ने खुशी जताते हुए कहा कि वे भी बड़ी बहन की तरह माता-पिता का नाम रोशन करेंगे।
इसी कड़ी में आगरा के जगनेर निवासी हरविंदर सिंह गुर्जर का भी चयन हुआ है। उनके पिता प्रेम सिंह, जो भारतीय सेवा से सेवानिवृत्त हैं, ने कहा कि बेटे की मेहनत रंग लाई है और यह पूरे गांव के लिए गर्व का क्षण है। उनके घर पर भी बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
आगरा शहर से अन्य चयनित प्रतिभाओं में शास्त्रीपुरम निवासी जैस्मिन वर्मा, बेलनगंज निवासी वैष्णवी शर्मा और दयालबाग निवासी हिमिका का नाम भी सामने आया है। इन सभी के घरों में खुशी का माहौल है और परिजन अपनी बेटियों की सफलता पर गर्व महसूस कर रहे हैं।
यूपीपीएससी 2024 के परिणाम ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आगरा की बेटियां किसी से कम नहीं हैं और अपने परिश्रम के दम पर नई ऊंचाइयों को छू रही हैं।