केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय की ओर से मुफ्त सोमनाथ यात्राः यूपी के 75 जिलों के 750 श्रद्धालु विशेष ट्रेन से करेंगे पावन दर्शन
-आरके सिंह- बरेली। धार्मिक आस्था को बढ़ावा देने और आमजन को देश की सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने बड़ी पहल की है। संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से उत्तर प्रदेश से श्रद्धालुओं को निःशुल्क सोमनाथ तीर्थ यात्रा कराई जाएगी, जिसके तहत 19 अप्रैल को लखनऊ से विशेष एसी ट्रेन रवाना होगी।
बरेली में यह जानकारी देते हुए उप निदेशक पर्यटन रवींद्र कुमार ने बताया कि भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय और भारतीय रेलवे के संयुक्त प्रयास से यह विशेष ट्रेन चलाई जा रही है। इस ट्रेन के माध्यम से श्रद्धालुओं को गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर के दर्शन पूर्णतः निःशुल्क कराए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि इस विशेष यात्रा में उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों से कुल 750 श्रद्धालुओं का चयन किया जा गया है। प्रत्येक जिले से 10-10 यात्रियों को शामिल किया गया है, ताकि पूरे प्रदेश का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके। चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति को जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
यात्रा के लिए चयनित सभी श्रद्धालु 18 अप्रैल को लखनऊ पहुंचेंगे, जहां उनके ठहरने और भोजन की व्यवस्था संस्कृति विभाग द्वारा की जाएगी। इसके बाद 19 अप्रैल को लखनऊ से यह विशेष वातानुकूलित (एसी थर्ड) ट्रेन सोमनाथ के लिए रवाना होगी। इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अनुरोध किया गया है।
उप निदेशक पर्यटन ने बताया कि यह यात्रा पूरी तरह संगठित और सुविधाजनक होगी। यात्रियों के लिए ठहरने, भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जा रही हैं, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को भी तीर्थ यात्रा का अवसर प्रदान करना है।
शासन द्वारा तीर्थयात्रियों के चयन के लिए विभिन्न श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। इनमें दुकानदार, स्ट्रीट वेंडर, महिलाएं, सरकारी योजनाओं के लाभार्थी, विद्यार्थी, वरिष्ठ नागरिक, तकनीकी सेवा से जुड़े कर्मचारी, आध्यात्मिक संस्थाओं के सदस्य, कलाकार और सफाई कर्मचारी शामिल हैं। इस विविध चयन से समाज के हर वर्ग को इस यात्रा का लाभ मिलेगा।
इस प्रकार की पहल से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि देश की सांस्कृतिक एकता और आध्यात्मिक परंपराओं को भी मजबूती मिलेगी। सोमनाथ जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के स्थल से जुड़कर श्रद्धालु अपनी आस्था को और प्रगाढ़ कर सकेंगे।