दोस्त बना मौत की वजह, दोस्ती में पहले कराया लोन, फिर किस्तें नहीं भरीं, बैंक के दबाव में ट्रेन से कटकर दी जान
आगरा में दोस्ती के नाम पर धोखेबाजी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि इकबाल अब्बास ने अपने दोस्त रामबाबू के नाम पर ढाई लाख रुपये का बैंक लोन कराया और रकम खुद रख ली। किस्तें न भरने पर बैंक का दबाव बढ़ा तो मानसिक तनाव में आए रामबाबू ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतक के बेटे की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी दोस्त के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आगरा। आगरा के थाना जगदीशपुरा क्षेत्र से दोस्ती, धोखेबाजी और मानसिक प्रताड़ना का एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति ने अपने ही करीबी दोस्त की कथित साजिश और बैंक के लगातार दबाव से परेशान होकर ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतक के बेटे की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी दोस्त के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामला 15 मई 2026 की सुबह का है। आरबीएस कॉलेज ग्राउंड के पास रेलवे ट्रैक पर एक व्यक्ति ने ट्रेन के आगे छलांग लगाकर अपनी जान दे दी थी। मृतक की पहचान सिकंदरा थाना क्षेत्र के अटूस निवासी रामबाबू के रूप में हुई थी। मौत के पीछे की कहानी सामने आई तो हर कोई सन्न रह गया।
परिजनों के मुताबिक, रामबाबू और एत्मादद्दौला निवासी इकबाल अब्बास एक ही कंपनी फ्रीडम शूज एलएलपी, शास्त्रीपुरम इंडस्ट्रियल एरिया में नौकरी करते थे। दोनों के बीच गहरी दोस्ती थी। इसी दोस्ती का फायदा उठाकर इकबाल ने मई 2023 में रामबाबू को अपने झांसे में लिया और उनके नाम पर इंडियन बैंक, रुनकता शाखा से करीब ढाई लाख रुपये का लोन पास करवा लिया।
आरोप है कि लोन की पूरी रकम इकबाल ने खुद रख ली। उसने भरोसा दिलाया कि किस्तें भी वही भरेगा और रामबाबू को किसी तरह की परेशानी नहीं होने देगा। लेकिन लोन पास होने के बाद आरोपी ने एक भी किस्त जमा नहीं की।
समय बीतने के साथ बैंक की नोटिसें और वसूली का दबाव रामबाबू पर बढ़ने लगा। बैंक अधिकारियों ने भुगतान न होने पर संपत्ति कुर्क करने तक की चेतावनी दे दी। परेशान रामबाबू और उनके भाई ने कई बार इकबाल से किस्तें भरने की गुहार लगाई, लेकिन आरोपी ने साफ इनकार कर दिया।
इतना ही नहीं, आरोप है कि इकबाल ने रामबाबू को झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भिजवाने तक की धमकी दी। दोस्त के धोखे और बैंक के दबाव के बीच रामबाबू पूरी तरह टूट गए। परिवार के अनुसार वह पिछले कई दिनों से गहरे मानसिक तनाव में थे। आखिरकार 15 मई की सुबह करीब पौने आठ बजे रामबाबू घर से निकले और आरबीएस कॉलेज ग्राउंड के पास रेलवे ट्रैक पर पहुंचकर ट्रेन के आगे कूद गए। मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई।
घटना के बाद समाज में मामला बढ़ता देख आरोपी इकबाल ने 17 मई को एक पंचायत बुलाई। परिजनों का दावा है कि पंचायत में मौजूद लोगों के सामने इकबाल ने स्वीकार किया कि रामबाबू ने उसके व्यवहार और दबाव की वजह से आत्महत्या की है। इतना ही नहीं, उसने यह बात लिखित रूप में भी दी।
उधर पिता की मौत से सदमे में डूबे परिवार ने अंतिम संस्कार और अन्य रस्मों के बाद पुलिस से शिकायत की। मृतक के बेटे राहुल छौंकर की तहरीर पर जगदीशपुरा पुलिस ने आरोपी इकबाल अब्बास के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने, आपराधिक विश्वासघात और धमकी देने समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है। पंचायत में लिखकर दिए गए कथित स्वीकारनामे और बैंक से जुड़े दस्तावेजों को भी जांच में शामिल किया गया है। आरोपी की तलाश जारी है।