विदेशी नौकरी का झांसा देकर ठगने वाला गिरोह बेनकाब, नकली वीजा से लाखों की ठगी, दो गिरफ्तार

आगरा में विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। फर्जी वीजा और नियुक्ति पत्र बनाकर लोगों से लाखों रुपये ऐंठे जा रहे थे। पुलिस अब गिरोह के पूरे नेटवर्क और अन्य पीड़ितों की तलाश में जुटी है।

Apr 14, 2026 - 21:44
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विदेशी नौकरी का झांसा देकर ठगने वाला गिरोह बेनकाब, नकली वीजा से लाखों की ठगी, दो गिरफ्तार
पुलिस की गिरफ्त में शातिर ठग।

आगरा। विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। थाना हरीपर्वत पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो लोगों को मोटे पैकेज का लालच देकर लाखों रुपये ऐंठ रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 8 मोबाइल फोन, कूट रचित दस्तावेज और 36 हजार रुपये नकद सहित अन्य सामान बरामद किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गिरोह सोशल मीडिया के जरिए लोगों को फंसाता था।

डीसीपी सिटी के अनुसार, एक पीड़ित ने थाना हरीपर्वत में शिकायत दर्ज कराई थी कि "फ्लाई कंसलटेंसी" नाम की कंपनी के मालिक साहिल और उसके साथी अमन ने उसे कनाडा में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। आरोपियों ने 5 लाख रुपये के पैकेज का दावा करते हुए उससे करीब डेढ़ लाख रुपये वसूल लिए। इतना ही नहीं, भरोसा जीतने के लिए उन्होंने फर्जी वीजा और नियुक्ति पत्र भी थमा दिया। लेकिन समय बीतने के बाद भी जब विदेश भेजने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी, तो पीड़ित को शक हुआ।

जांच में सब निकला फर्जी

पीड़ित ने दस्तावेजों की जांच कराई तो वीजा और ऑफर लेटर पूरी तरह फर्जी निकले। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मंगलवार को पुलिस टीम ने फायर ब्रिगेड के सामने स्थित एक बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

चार महीने से चला रहे थे फर्जी कंपनी

पूछताछ में मुख्य आरोपी साहिल उर्फ राजवीर ने खुलासा किया कि वह पिछले चार महीनों से आगरा में रहकर “फ्लाई कंसलटेंसी” के नाम से फर्जी कंपनी चला रहा था। वह सोशल मीडिया पर विज्ञापन देकर लोगों को विदेश में नौकरी का लालच देता था। वह खुद फर्जी वीजा और नियुक्ति पत्र तैयार करता और लोगों को दिखाकर उनसे बड़ी रकम वसूलता था।

साथी को हर डील पर 20% कमीशन

सह-आरोपी अमन का काम ग्राहकों को ढूंढना था। हर सफल डील पर उसे करीब 20% कमीशन मिलता था। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह ने इसी तरीके से कई लोगों को ठगकर लाखों रुपये की वसूली की है।

पुलिस जुटी नेटवर्क खंगालने में

फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल है। साथ ही अन्य पीड़ितों की भी पहचान की जा रही है।