मथुरा में कृष्णा नगर से शुरू होगा ‘कचरा रहित जोन’ का प्रयोग, ब्रज में स्वच्छता अभियान को मिलेगी नई धार, 50 हजार कपड़े के थैले, 20 लाख पेम्पलेट और डस्टबिन का लक्ष्य

मथुरा। ब्रज में स्वच्छता अभियान को केवल जागरूकता कार्यक्रमों तक सीमित रखने के बजाय धरातल पर ठोस और मापनीय परिणाम हासिल करने के लिए कृष्णा नगर को मॉडल ‘कचरा रहित जोन’ के रूप में विकसित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सभाकक्ष में हुई स्वच्छ ब्रज अभियान की कोर ग्रुप बैठक में यह निर्णय लिया गया। उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र की अध्यक्षता में हुई बैठक में अभियान को जनभागीदारी के साथ प्रभावी बनाने के लिए 50 हजार कपड़े के थैले, 20 लाख पेम्पलेट, पांच हजार फ्लेक्सी-बैनर और बाजारों व सार्वजनिक स्थलों पर डस्टबिन उपलब्ध कराने के लक्ष्य तय किए गए।

Sep 24, 2026 - 21:14
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मथुरा में कृष्णा नगर से शुरू होगा ‘कचरा रहित जोन’ का प्रयोग, ब्रज में स्वच्छता अभियान को मिलेगी नई धार, 50 हजार कपड़े के थैले, 20 लाख पेम्पलेट और डस्टबिन का लक्ष्य
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सभाकक्ष में हुई स्वच्छ ब्रज अभियान की कोर ग्रुप बैठक में मौजूद परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र और अन्य अधिकारी।

पहले कृष्णा नगर, फिर दूसरे क्षेत्रों में विस्तार

कृष्णा नगर में पहले तीन-चार दिनों तक ऑडियो संदेशों के माध्यम से दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसके बाद व्यापार सभा, जिला प्रशासन, नगर निगम, ब्रज तीर्थ विकास परिषद, सामाजिक संस्थाओं और स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों की सहभागिता से जागरूकता रैली निकाली जाएगी। रैली के साथ डोर-टू-डोर संपर्क कर लोगों को स्वच्छता के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके परिणामों के आधार पर मॉडल को अन्य क्षेत्रों में लागू किया जाएगा।

मुख्य कार्यपालक अधिकारी लक्ष्मी नागप्पन ने बैठक का एजेंडा प्रस्तुत किया। नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने स्वच्छता नियमों के उल्लंघन पर की जा रही कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नगर निगम अपने ऐप में सुधार कर रहा है। कूड़ा संबंधी शिकायतों के निस्तारण के लिए दो घंटे की समयसीमा निर्धारित की गई है। तय समय में कूड़ा नहीं उठने पर शिकायत स्वत: क्रमश: उच्च अधिकारियों तक पहुंचती जाएगी।

प्लास्टिक के विकल्प पर जोर

बैठक में प्लास्टिक का उपयोग कम करने के लिए 50 हजार सूती कपड़े के थैले उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया। ये थैले प्लेन/सफेद रंग के और अलग-अलग आकार के होंगे। अभियान के प्रचार के लिए पांच हजार फ्लेक्सी-बैनर तथा जनजागरूकता के लिए 20 लाख पेम्पलेट उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई।

प्लास्टिक कचरे के निस्तारण के लिए बैग डिस्पेंसर मशीन लगाने की योजना पर भी चर्चा हुई। सब्जी मंडी में इसका ट्रायल किया जाएगा। बोतल जमा करने पर कपड़े का थैला देने का सुझाव भी रखा गया।

व्हाट्सएप समूहों से होगी मॉनिटरिंग

बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर डस्टबिन उपलब्ध कराने का लक्ष्य भी तय किया गया। दुकानदारों, व्यापारिक संगठनों, स्कूल-कॉलेज, होटल संचालकों और सामाजिक संस्थाओं के अलग-अलग व्हाट्सएप और कार्य समूह बनाकर उन्हें केंद्रीय रूप से समन्वित एवं मॉनिटर किया जाएगा।

बैठक में स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जुर्माना, चालान और नोटिस की कार्रवाई लगातार जारी रखने के निर्देश दिए गए। अभियान के अगले चरण में स्कूल-कॉलेज, होटल इंडस्ट्री, धर्मशाला, हॉस्पिटल, विश्वविद्यालय, सिविल डिफेंस, रोटरी, लायंस क्लब और सामाजिक संस्थाओं को भी जोड़ा जाएगा।

बैठक में दीपक गोयल, विपिन सिंघल, राजेंद्र अग्रवाल, जनार्दन पोद्दार, विपुल अग्रवाल, निशांत शर्मा और अंकित बंसल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

SP_Singh AURGURU Editor