अटल भक्ति से प्रकट होते हैं भगवान! यमुना तट पर गूंजा नरसिंह अवतार और ध्रुव-प्रह्लाद भक्ति का संदेश, श्रीमद्भागवत कथा में श्रीनाथजी और द्वादश ज्योतिर्लिंग के दर्शन को देर रात तक पहुंचते रहे श्रद्धालु
आगरा। ब्रज की प्राचीन धरती अग्रवन और पावन यमुना तट पर चल रही श्रीमद्भागवत ज्ञान महायज्ञ में बुधवार को भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। ताज व्यू गार्डन फेस-1 पार्किंग एरिया, यमुना किनारा रोड पर श्रीमनःकामेश्वर मंदिर मठ द्वारा आयोजित कथा महायज्ञ के तृतीय दिवस ध्रुव चरित्र, प्रह्लाद चरित्र और भगवान नरसिंह अवतार प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। देर रात तक कथा मंडपम श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा, जबकि 24 फुट ऊंचे श्रीनाथजी, द्वादश ज्योतिर्लिंग और भगवान के 24 अवतारों के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लगातार भीड़ उमड़ती रही।
दैनिक यजमान के रूप में सूर्य प्रताप सिंह, अनूप यादव, चंद्र प्रकाश बंसल, रजनी बंसल, विनोद गुप्ता, सरोज गुप्ता, अमर गुप्ता एवं रॉबी गुप्ता ने व्यास पूजन किया। व्यास पीठ की आरती मठ प्रशासक हरिहर पुरी द्वारा संपन्न कराई गई।
कथा व्यास महंत योगेश पुरी ने भगवान नाम की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि मंत्र की शक्ति मनुष्य की भक्ति को अडिग बनाती है। जितने अक्षरों का मंत्र हो, उतने करोड़ बार जप करने से पहले स्थूल और फिर सूक्ष्म शरीर शुद्ध होता है। उन्होंने कहा कि गुरु कृपा और धर्मनिष्ठा के बल पर ही छत्रपति शिवाजी महाराज ने अखंड भारत की स्थापना का संकल्प साकार किया था।
ओम नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र से गूंज उठा पूरा कथा मंडपम
कथा के मध्य महंत योगेश पुरी ने श्रद्धालुओं से “ओम नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का 1008 बार सामूहिक जाप कराया। मंत्रोच्चार से पूरा कथा स्थल भक्तिमय ऊर्जा से गुंजायमान हो उठा। उन्होंने कहा कि जहां अपमान का भय हो वहां नहीं जाना चाहिए, लेकिन भगवान के दरबार और संत समागम में अपमान की चिंता नहीं करनी चाहिए।
ध्रुव और प्रह्लाद चरित्र से दिया अटल भक्ति का संदेश
महंत योगेश पुरी ने कहा कि बालक ध्रुव और भक्त प्रह्लाद की अटूट भक्ति इस बात का प्रमाण है कि सच्चे भाव से की गई साधना भगवान को भी प्रकट होने पर विवश कर देती है। उन्होंने कहा कि भक्त के प्रेम और विश्वास से बंधकर ही भगवान नरसिंह प्रकट हुए और प्रह्लाद की रक्षा की।
सुबह रुद्राभिषेक, दिन में बाल संस्कार शिविर
मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने बताया कि कथा महायज्ञ प्रतिदिन प्रातःकाल यमुना जल से रुद्राभिषेक के साथ प्रारंभ होता है, जो आचार्य सुरेंद्र गौतम के सानिध्य में संपन्न कराया जाता है। इसके बाद बाल संस्कार शिविर में श्री मनःकामेश्वर बाल विद्या मंदिर के बच्चों को गीता परिवार आगरा मंडल के राजीव गुप्ता पथ द्वारा श्रीमद्भगवद्गीता के 12वें अध्याय का पाठ कराया जा रहा है।
बच्चों को भगवत भक्ति, देशभक्ति, विज्ञान दृष्टि और स्वामी विवेकानंद के आदर्शों से परिचित कराया जा रहा है। इस कार्य में राजेंद्र गोयल, डॉ. दीप्ति, डॉ. ज्योति गुप्ता, डॉ. गीता माहेश्वरी एवं हनुमान प्रसाद सहयोग कर रहे हैं। वहीं दीप्ति गर्ग योगाभ्यास और अनामिका वर्मा कला प्रशिक्षण दे रही हैं।
30 ई-रिक्शा से निःशुल्क पहुंच रहे श्रद्धालु
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मठ प्रशासन द्वारा 30 ई-रिक्शा की निःशुल्क व्यवस्था की गई है। बिजलीघर, दरेसी, हाथी घाट और शिवाजी चौक से श्रद्धालुओं को कथा मंडपम तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे बड़ी संख्या में लोग आसानी से कथा स्थल तक पहुंच रहे हैं।
गौ पूजन और यमुना आरती बना विशेष आकर्षण
कथा स्थल पर श्रद्धालु गौ पूजन का पुण्य अर्जित कर रहे हैं। प्रतिदिन कथा के पश्चात यमुना आरती का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें दीपों की जगमगाहट और भजन-कीर्तन से पूरा यमुना तट आध्यात्मिक आभा से आलोकित हो उठता है। मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने बताया कि गुरुवार को वामन अवतार एवं श्रीकृष्ण जन्मोत्सव प्रसंग का श्रवण कराया जाएगा।