ममता पर भारी पड़ा लालच, लेकिन दादी-बुआ की ममता ने बचा लिया मासूम का भविष्य

आगरा में एक दंपती द्वारा नवजात को ढाई लाख रुपये में बेचने की तैयारी का मामला सामने आया। दादी और बुआ की सतर्कता से चाइल्डलाइन 1098 और पुलिस ने समय रहते कार्रवाई की। दंपती से शपथपत्र भरवाकर बच्चे को फिलहाल उन्हें सौंपा गया है और 15 दिन बाद दोबारा पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।

Apr 14, 2026 - 17:02
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ममता पर भारी पड़ा लालच, लेकिन दादी-बुआ की ममता ने बचा लिया मासूम का भविष्य
बछे की दादी, जिनकी वजह से बच्चे का सौदा रुका।

2 दिन के मासूम का ढाई लाख में तय हुआ था सौदा, चाइल्डलाइन 1098 और पुलिस की तत्परता से टली बड़ी अनहोनी

आगरा। आगरा के सिकंदरा क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक मां अपने महज दो दिन के नवजात बेटे को ढाई लाख रुपये में बेचने की तैयारी में थी। मामला उस वक्त पलट गया जब बच्चे की दादी और बुआ ने समय रहते हिम्मत दिखाई और पूरी साजिश को बेनकाब कर दिया।

बताया जा रहा है कि शास्त्रीपुरम इलाके में रहने वाली एक दंपति, जो मजदूरी कर अपना जीवन यापन करती है, ने अपने नवजात को जन्म के तुरंत बाद ही एक व्यापारी को देने का मन बना लिया था। कमला नगर का एक व्यापारी इस ‘सौदे’ के लिए अस्पताल तक पहुंच भी गया था, लेकिन परिवार के भीतर ही इस फैसले का विरोध हुआ। 

नवजात की दादी राजकुमारी ने जब यह सब देखा, तो उन्होंने इसका विरोध किया, लेकिन उनकी बात को नजरअंदाज कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने अपनी बेटी (बच्चे की बुआ) को पूरी जानकारी दी।

दादी-बुआ बनीं मासूम की रक्षक

बुआ ने मेरठ से तुरंत चाइल्डलाइन हेल्पलाइन 1098 पर शिकायत दर्ज कराई। सूचना मिलते ही चाइल्डलाइन टीम हरकत में आई और पुलिस के साथ अस्पताल पहुंच गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए टीम ने लगातार दो दिन तक अस्पताल के बाहर निगरानी रखी, ताकि नवजात को किसी को सौंपा न जा सके।

पुलिस और चाइल्डलाइन की संयुक्त कार्रवाई

छुट्टियों के चलते प्रक्रिया में थोड़ी देरी जरूर हुई, लेकिन सोमवार को दंपति  और नवजात को बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष पेश किया गया। चाइल्डलाइन समन्वयक ब्रजेश कुमार गौतम के अनुसार, दंपती से सख्त शपथपत्र भरवाया गया कि वे बच्चे को किसी को भी अवैध रूप से गोद नहीं देंगे। इसके बाद नवजात को फिलहाल माता-पिता को सौंप दिया गया है, लेकिन 15 दिन के भीतर बच्चे को दोबारा समिति के सामने पेश करना होगा।

दंपति  ने आरोपों से किया इंकार

पूछताछ के दौरान दंपति  ने सभी आरोपों को नकारते हुए कहा कि यह उनके खिलाफ साजिश है और कुछ रिश्तेदार गलत आरोप लगा रहे हैं। हालांकि, चाइल्डलाइन और पुलिस की सतर्कता से मामला नियंत्रण में रहा।

परिवार में लौटी खुशी

दादी राजकुमारी ने राहत की सांस लेते हुए कहा कि अब बच्चा सुरक्षित घर आ गया है और पूरा परिवार खुश है। उनकी सतर्कता और साहस की बदौलत एक मासूम की जिंदगी किसी सौदे का हिस्सा बनने से बच गई।