खाड़ी युद्ध की मार, आगरा में पेट्रोल ₹101 पार, डीजल भी ‘सेंचुरी’ के करीब, आम आदमी का बजट बिगड़ा

खाड़ी देशों में जारी युद्ध और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर अब भारत में दिखने लगा है। आगरा में पेट्रोल 101.54 रुपये और डीजल 98.94 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। लगातार बढ़ते दामों से आम आदमी का बजट बिगड़ रहा है, जबकि ट्रांसपोर्ट महंगा होने से रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ने की आशंका भी बढ़ गई है।

May 25, 2026 - 15:30
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खाड़ी युद्ध की मार, आगरा में पेट्रोल ₹101 पार, डीजल भी ‘सेंचुरी’ के करीब, आम आदमी का बजट बिगड़ा

आगरा। खाड़ी देशों में बढ़ते युद्ध और अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर अब सीधे भारतीय बाजारों में महसूस किया जा रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने देशभर में पेट्रोल-डीजल के दामों को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। आगरा में इस महीने चौथी बार ईंधन महंगा हुआ है, जिससे आम आदमी की जेब पर भारी बोझ पड़ रहा है।

शहर में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 101.54 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है, जबकि डीजल 98.94 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। महज एक दिन पहले तक पेट्रोल करीब 99 रुपये प्रति लीटर था। लगातार बढ़ती कीमतों ने वाहन चालकों की चिंता बढ़ा दी है। पेट्रोल अब तक के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है, वहीं डीजल भी 100 रुपये प्रति लीटर के आंकड़े से सिर्फ 1.06 रुपये दूर है।

पेट्रोल पंपों पर बढ़ी बेचैनी

सुबह दफ्तर और काम पर निकलने वाले लोगों को हर दिन नए दामों का सामना करना पड़ रहा है। भगवान टॉकीज स्थित पेट्रोल पंप पर बाइक में पेट्रोल भरवा रहे प्रतीक ने कहा, पहले 500 रुपये का पेट्रोल हफ्तेभर चल जाता था, अब तीन-चार दिन में खत्म हो जाता है। घर का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है।

वहीं वाहन चालक अंचित  ने सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब रूस और ईरान जैसे देश भारत को सस्ता कच्चा तेल देने को तैयार हैं, तो वहां से ज्यादा खरीद करनी चाहिए। पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए, तभी जनता को राहत मिलेगी।

मिडिल क्लास पर सबसे ज्यादा असर

लगातार बढ़ती महंगाई से मध्यम वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित दिखाई दे रहा है। स्कूल फीस, राशन, बिजली बिल और अब ईंधन की बढ़ती कीमतों ने घरेलू बजट को झकझोर दिया है। स्थानीय निवासी विजय ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पेट्रोल लगातार महंगा हो रहा है। इसका असर हर चीज पर पड़ रहा है। सरकार को आम जनता की चिंता करनी चाहिए। महंगाई से सबसे ज्यादा गरीब और मिडिल क्लास परेशान है।

ट्रांसपोर्ट महंगा, रोजमर्रा की चीजों पर असर तय

ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं है। डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ रही है, जिसका असर अब सब्जी, फल, दूध और राशन जैसी जरूरी वस्तुओं पर भी दिखने लगा है। थोक व्यापारी के मुताबिक डीजल महंगा होने से माल भाड़ा 8 से 10 प्रतिशत तक बढ़ चुका है। अगर यही स्थिति रही तो अगले कुछ दिनों में रिटेल बाजार में भी कीमतें बढ़ जाएंगी।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ा दबाव

तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 95 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव और सप्लाई प्रभावित होने की आशंका के चलते कीमतों में तेजी बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि हालात जल्द नहीं सुधरे तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दामों में और बढ़ोतरी हो सकती है।