आगरा में कोई सरकारी कर्मचारी रिश्वत मांगे तो विजिलेंस को करें फोन, रंगेहाथ पकड़वाने के लिए जारी किये गए दो नंबर
-गौरव प्रताप सिंह- आगरा। सरकारी विभाग में किसी काम के बदले अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत मांगता है तो चुप रहने के बजाय उसकी शिकायत सतर्कता विभाग (विजिलेंस) से की जा सकती है। आगरा में रिश्वतखोरों को रंगेहाथ पकड़वाने के लिए पुलिस अधीक्षक, सतर्कता, आगरा के दो संपर्क नंबर जारी किए गए हैं। ये नंबर 9454401864 और 9454404853 हैं। विजिलेंस के माध्यम से शिकायत करने पर रिश्वत मांगने वाले सरकारी कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। इसका उद्देश्य सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना और रिश्वतखोरी के मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग, पुलिस, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), विश्वविद्यालयों और राजस्व विभाग सहित विभिन्न सरकारी महकमों में भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आती रहती हैं। सरकारी काम कराने के बदले रिश्वत मांगे जाने से आम लोगों को आर्थिक परेशानी के साथ मानसिक उत्पीड़न भी झेलना पड़ता है। कई बार लोग कार्रवाई की उम्मीद में संबंधित विभाग के अधिकारियों तक अपनी शिकायत पहुंचाते हैं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई न होने पर वे निराश हो जाते हैं।
पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कर सकते हैं शिकायत
रिश्वतखोरी की शिकायतों में पुलिस विभाग भी कई बार चर्चा में रहता है। आरोप लगते रहे हैं कि कुछ मामलों में पुलिसकर्मियों पर रिश्वत मांगने या लेने के आरोप सामने आने के बाद विभागीय कार्रवाई निलंबन या लाइन हाजिर करने तक सीमित रह जाती है। कुछ मामलों में ऑडियो और वीडियो जैसे साक्ष्य भी सामने आने के बावजूद कार्रवाई को लेकर सवाल उठते हैं। ऐसे में रिश्वत मांगने वाले पुलिसकर्मी या किसी अन्य सरकारी कर्मचारी के खिलाफ विजिलेंस में शिकायत करना एक विकल्प है।
रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ने के लिए विजिलेंस से संपर्क करें
यदि किसी सरकारी काम के बदले अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत मांगता है, तो शिकायतकर्ता पुलिस अधीक्षक, सतर्कता, आगरा से इन नंबरों पर संपर्क कर सकता है—9454401864 और 9454404853.
शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस विभाग मामले के तथ्यों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करता है। रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ने के लिए विभागीय प्रक्रिया का पालन किया जाता है। भ्रष्टाचार के मामले में साक्ष्य और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर मुकदमा दर्ज होने तथा गिरफ्तारी की कार्रवाई भी हो सकती है। हालांकि, प्रत्येक शिकायत में कार्रवाई का स्वरूप मामले के तथ्यों और जांच पर निर्भर करेगा।
सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के लिए जरूरी है कि रिश्वत मांगने की घटना को नजरअंदाज न किया जाए। शिकायतकर्ता स्वयं रिश्वत देने या किसी तरह का जाल बिछाने की कोशिश करने के बजाय विजिलेंस से संपर्क करे और उसके निर्देशों के अनुसार आगे बढ़े। रिश्वत मांगने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ शिकायतों से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है।
रिश्वतखोरी के खिलाफ जागरूकता जरूरी
भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए लोगों में जागरूकता और शिकायत करने का भरोसा जरूरी है। आगरा में जारी दोनों नंबरों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील की जा रही है, ताकि सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगने वालों के खिलाफ शिकायत की जा सके। चाहे आरोपी किसी भी विभाग का कर्मचारी हो या पुलिसकर्मी, शिकायत मिलने पर मामले की जांच और नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।