एशियन गेम्स में भारत का गोल्डन धमाकाः क्रिकेट और हॉकी में स्वर्ण से 85 पदकों पर अभियान खत्म, भारत ने पुरुष क्रिकेट में पाकिस्तान को 19 रन से हराकर स्वर्ण बरकरार रखा, हॉकी में मलेशिया को 5-1 से रौंदकर ओलंपिक टिकट पक्का किया
आइची-नागोया। भारत ने एशियन गेम्स 2026 के अंतिम चरण में शानदार प्रदर्शन करते हुए क्रिकेट और हॉकी में लगातार दो स्वर्ण अपने नाम किए। पुरुष क्रिकेट टीम ने फाइनल में पाकिस्तान को 19 रन से हराकर खिताब बरकरार रखा, जबकि पुरुष हॉकी टीम ने मलेशिया को 5-1 से शिकस्त देकर लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक जीता। हॉकी में इस जीत के साथ भारत ने 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई भी कर लिया। भारत ने प्रतियोगिता का समापन 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य समेत कुल 85 पदकों के साथ किया।
पाकिस्तान को हराकर क्रिकेट का खिताब बरकरार
निसिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेले गए पुरुष टी-20 क्रिकेट फाइनल में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए छह विकेट पर 211 रन बनाए। अभिषेक शर्मा ने महज 28 गेंदों पर 61 रन की आक्रामक पारी खेली, जिसमें सात छक्के शामिल थे। तिलक वर्मा ने भी 22 गेंदों पर नाबाद 51 रन बनाकर भारतीय पारी को मजबूत आधार दिया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम निर्धारित 20 ओवर में छह विकेट पर 192 रन ही बना सकी। हसन नवाज ने 51 गेंदों पर 96 रन की तेज पारी खेलकर मुकाबले को रोमांचक बनाए रखा, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने अंतिम ओवरों में दबाव कायम रखा और भारत ने 19 रन से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुवाई में मिली इस जीत के साथ भारत ने पुरुष क्रिकेट का एशियन गेम्स खिताब दूसरी बार लगातार बरकरार रखा। भारत ने सेमीफाइनल में श्रीलंका को हराकर फाइनल में प्रवेश किया था।
मलेशिया पर 5-1 की जीत से हॉकी का स्वर्ण
पुरुष हॉकी के फाइनल में भारत ने मलेशिया को 5-1 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने दो गोल दागे, जबकि जुगराज सिंह, हार्दिक सिंह और शिलानंद लाकड़ा ने एक-एक गोल कर भारत की जीत में योगदान दिया। मलेशिया की ओर से शेलो सिल्वरियस ने एकमात्र गोल किया।
इस जीत के साथ भारत ने पुरुष हॉकी में एशियन गेम्स का खिताब लगातार दूसरी बार जीता। भारत इससे पहले 1966, 1998, 2014 और 2022 में पुरुष हॉकी का स्वर्ण पदक जीत चुका था। इस तरह एशियन गेम्स में पुरुष हॉकी का यह भारत का पांचवां स्वर्ण रहा।
हॉकी के स्वर्ण के साथ भारत ने 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफिकेशन हासिल कर लिया। इससे एक दिन पहले भारतीय महिला हॉकी टीम भी चीन को हराकर स्वर्ण पदक जीत चुकी थी। इस तरह एक ही एशियन गेम्स में पहली बार भारत की पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमों ने स्वर्ण पदक जीता।
कुश्ती में अमन सहरावत ने बढ़ाया स्वर्ण का खाता
भारत के लिए अंतिम चरण में कुश्ती से भी स्वर्ण पदक आया। अमन सहरावत ने पुरुषों के 57 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग के फाइनल में उत्तर कोरिया के चोंग सोंग हान को 10-7 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। इस जीत के साथ भारत को कुश्ती में दूसरा स्वर्ण मिला।
तीरंदाजी में कुमकुम मोहोड़ का ऐतिहासिक स्वर्ण
महिला व्यक्तिगत रिकर्व तीरंदाजी में कुमकुम मोहोड़ ने स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास बनाया। फाइनल में उन्होंने दक्षिण कोरिया की ओ ये-जिन को शूटआउट में 6-5 से हराया। यह एशियन गेम्स में व्यक्तिगत महिला रिकर्व स्पर्धा में भारत का पहला स्वर्ण पदक रहा। उनके प्रदर्शन से भारत को 2028 ओलंपिक के लिए एक व्यक्तिगत कोटा स्थान भी मिला।
गोल्फ में प्रणवी उर्स ने रचा इतिहास
महिला व्यक्तिगत गोल्फ स्पर्धा में प्रणवी उर्स ने स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय खेल इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया। वह एशियन गेम्स की व्यक्तिगत महिला गोल्फ स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनीं।
21 स्वर्ण के साथ चौथे स्थान पर भारत
एशियन गेम्स 2026 में भारत ने कुल 85 पदक जीते। इनमें 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक शामिल रहे। प्रतियोगिता के अंतिम दो दिनों में भारत के खाते में 11 स्वर्ण पदक आए, जिससे उसकी पदक संख्या में तेजी से इजाफा हुआ और भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा।
भारत ने महिला क्रिकेट में भी स्वर्ण पदक हासिल किया था। इसके अलावा कबड्डी, निशानेबाजी, तीरंदाजी, मुक्केबाजी, कुश्ती, एथलेटिक्स और गोल्फ में भी भारतीय खिलाड़ियों ने पदक जीतकर देश के कुल पदक खाते को मजबूत किया। अंतिम दौर में क्रिकेट और हॉकी के स्वर्ण ने भारत के अभियान को शानदार अंदाज में पूर्ण किया।