ईरान का भारत को लेकर बड़ा ऐलान,  कहा- होर्मुज स्ट्रेट भारत के लिए बंद नहीं,  इजरायल, यूएस, यूरोप और उनके पश्चिमी सहयोगियों के लिए है बंद

यूएस-इजरायल और ईरान के बीच छिड़े युद्ध के चलते मिडिल ईस्ट में तनाव जारी है। इसी बीच  होर्मुज ऑफ स्ट्रेट के इस्तेमाल को लेकर ईरान की ओर से बड़ा बयान सामने आया है।

Mar 5, 2026 - 19:49
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ईरान का भारत को लेकर बड़ा ऐलान,  कहा- होर्मुज स्ट्रेट भारत के लिए बंद नहीं,  इजरायल, यूएस, यूरोप और उनके पश्चिमी सहयोगियों के लिए है बंद

तेहरान। यूएस-इजरायल और ईरान के बीच छिड़े युद्ध के चलते मिडिल ईस्ट में तनाव जारी है। इसी बीच  होर्मुज ऑफ स्ट्रेट के इस्तेमाल को लेकर ईरान की ओर से बड़ा बयान सामने आया है, जो भारत के नजरिए से राहत भरा है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने ऐलान किया है कि होर्मुज ऑफ स्ट्रेट अमेरिका, इजरायल, यूरोप और उनके पश्चिमी सहयोगियों के लिए ही बंद है। बाकी सब के लिए खुला है।

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर  ने साफ किया है कि होर्मुज ऑफ स्ट्रेट का इस्तेमाल केवल अमेरिका, इज़राइल, यूरोप और उनके पश्चिमी सहयोगियों के जहाजों के लिए बंद है। ईरान की ओर से यह बयान तब सामने आया है, जब दुनिया केसबसे बिजी समुद्री रूट में से एक होर्मुज ऑफ स्ट्रेट को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी। मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग के चलते लगभग सभी कॉमर्शियल यातायात ठप हो चुका हैं।

आईआरजीसी की ओर से कहा गया कि इंटरनेशनल कानून और अन्य प्रस्तावों के तहत यह साफ किया जा चुका है कि युद्ध की स्थिति में होर्मुज ऑफ स्ट्रेट से आवाजाही पर कंट्रोल का अधिकार केवल ईरान के पास है। साथ ही यह भी चेतवानी दी गई कि इस जलमार्ग में अगर अमेरिका, इजरायल या यूरोप और उनके सहयोगी के जहाज नजर आते हैं तो ईरान की ओर से इन पर हमला किया जाएगा।

ईरान के पब्लिक ब्रॉडकास्टर आईआरआईबी के हवाले से ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने यह जानकारी दी है। बयान में कहा गया, 'ईरान की ओर से पहले ही कहा था कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों और प्रस्तावों के आधार पर, युद्धकाल में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान को होर्मुज ऑफ स्ट्रेट से आवागमन को नियंत्रित करने का अधिकार होगा।

अमेरिका और इजरायल ने शनिवार (28 फरवरी) को ईरान के खिलाफ हमला किया था, जिसके बाद से होर्मुज ऑफ स्ट्रेट व्यावहारिक रूप से बंद है। इसकी वजह से तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिला है। साथ ही वैश्विक अर्थव्यवस्था में व्यापक व्यवधान की आशंकाएं बढ़ गई हैं।