तुर्की के एयरस्पेस में गिराई गई ईरानी मिसाइल, नाटो एयर डिफेंस ने विफल किया हमला
अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले के साथ शुरू हुई जंग आज पांचवें दिन में प्रवेश कर गई है। अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले जारी रखे हैं तो ईरान भी तगड़ा जवाब दे रहा है। पूरे मिडिल ईस्ट तक इस जंग की आग पहुंच चुकी है। ईरान ने अरब देशों में मौजूद अमेरिका के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। इसके साथ ही इजरायल पर भी भीषण बमबारी की है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान हम पर हमला करने वाला था। अगर हमला नहीं करते तो वे अटैक कर देते। ट्रंप ने कहा कि ईरान की एयर फोर्स, नेवी नष्ट हो गई है।
अंकारा। ईरान से लॉन्च होने के बाद तुर्की के एयरस्पेस की ओर बढ़ते हुए एक बैलिस्टिक बम का पता चला, जिसे पूर्वी भूमध्य सागर में तैनात NATO एयर और मिसाइल डिफेंस ने सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया। पता चला है कि हाटे प्रांत के डोर्टयोल जिले में गिरा बम का टुकड़ा उस एयर डिफेंस बम का है, जिसका इस्तेमाल हवा में उस खतरे को खत्म करने के बाद इंटरसेप्शन में किया गया था। इस घटना में कोई हताहत या घायल नहीं हुआ।
इराक में ईरान समर्थक हथियारबंद ग्रुप सराया अवलिया अल-दाम ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकाने पर हमले का दावा किया है। सराया अवलिया अल-दाम ने कहा है कि उसने जॉर्डन के अंदर एक अहम अमेरिकी टारगेट पर हमला किया है। ग्रुप ने अपना सही टारगेट नहीं बताया है। ग्रुप ने टेलीग्राम चैनल पर फुटेज शेयर किया, जिसमें हवा में बम लॉन्च होते हुए दिख रहा है।
ईरान के सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का राजकीय अंतिम संस्कार टाल दिया गया है। तीन दिन का अंतिम संस्कार बुधवार को शुरू होना था। रिपोर्ट बताती हैं कि ऑर्गनाइजर ने कहा है कि जब तक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार नहीं हो जाता, तब तक सेरेमनी टाल दी जाएगी। सेरेमनी कब होगी, इसकी कोई तारीख अभी नहीं बताई गई है।
कतर ने ईरान के हमलों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कतर के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ईरान के हमलों का जवाब जरूर दिया जाएगा। इससे लगता है कि इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध में खाड़ी देश भी फ्रंटलाइन पर आ सकते हैं। अमेरिका-इजरायल के हवाई हमलों के जवाब में ईरान ने अपने अरब पड़ोसियों पर मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। इससे वह नाराज हो गए हैं।
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को बताया है कि देश की तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमले की कोशिश की गई है। यह हमला रास तनुरा तेल रिफाइनरी पर किया गया, जिसे सऊदी अरब की सबसे बड़ी रिफाइनरी माना जाता है। मंत्रालय ने कहा है कि शुरुआती अनुमानों से पता चलता है कि हमला ड्रोन से किया गया था और इससे कोई नुकसान नहीं हुआ। इससे पहले भी सऊदी की रिफाइनरी पर हमला हुआ था।
लेबनान के सोशल अफेयर्स मिनिस्टर हनीन सईद ने अल जजीरा को बताया है कि इजरायली हमलों से बेघर हुए 65,000 लोगों ने शेल्टर में रजिस्टर कराया है। सईद ने कहा कि शायद 10,000 से 20,000 और लोग बेघर हुए हैं लेकिन वे सड़क पर या दोस्तों के साथ है और अभी भी मदद के लिए रजिस्टर करने की प्रोसेस में हैं। उन्होंने कहा कि अच्छी सिचुएशन नहीं है। लोग परेशान हैं और हमलों से डरे हुए हैं।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर धोखा देने का आरोप लगाया है। अराघची ने एक्स पर लिखा, 'जब मुश्किल परमाणु बातचीत को प्रॉपर्टी खरीद-बिक्री जैसा समझा जाता है तो बड़े झूठ सच्चाई को ढक देते हैं। फिर वे उम्मीदें पूरी नहीं हो सकती हैं, जो हकीकत से दूर हैं। इसका नतीजा बातचीत की मेज को बम से उड़ा देना है। ट्रंप ने डिप्लोमेसी के साथ-साथ उन अमेरिकियों से भी धोखा किया, जिन्होंने उन्हें चुना है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनकी नेवी होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले तेल टैंकरों को सुरक्षा देगी। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने एक संघीय एजेंसी को निर्देश दिया है कि खाड़ी क्षेत्र में समुद्री व्यापार के लिए सुरक्षा दी जाए। पर्शियन गल्फ और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित इस समुद्री रास्ते को ईरान ने बंद करदिया है। दुनिया में तेल और गैस सप्लाई के लिए यह सबसे अहम रास्तों में से एक है। ऐसे में दुनिया इससे प्रभावित हो रही है।
इजरायल के F‑35I जेट ने तेहरान के ऊपर एक ईरानी YAK‑130 फाइटर को मार गिराया है। इजरायल के इस जेट के लिहाज से यह काफी अहम है। यह पहली बार है जब किसी F‑35 ने लड़ाई में किसी इंसान वाले फाइटर को मार गिराया है। इजरायल के इस फाइटर जेट के लिए यह बड़ी सफलता है।