ईरान का पलटवारः एक साथ आठ देशों के अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइलें दागीं, इजराइल के अलावा इराक, जॉर्डन, सऊदी अरब, क़तर, बहरीन, यूएई, कुवैत में हमलों से दुनिया स्तब्ध, हूती और हिज्बुल्लाह ने भी किये इजराइल पर हमले, तीसरे विश्व युद्ध की आशंका गहराई
तेहरान। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए ताज़ा मिसाइल हमलों के बाद मध्य-पूर्व में हालात विस्फोटक हो गए हैं। ईरान ने औपचारिक रूप से युद्धघोष करते हुए दावा किया है कि उसने एक साथ आठ देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किए हैं। ईरानी बयान के मुताबिक़ ये हमले इराक, जॉर्डन, सऊदी अरब, क़तर, बहरीन, यूएई, कुवैत और इज़राइल में किए गए, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई।
ईरान के सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई अमेरिका-इज़राइल के संयुक्त हमलों के सीधे जवाब में की गई है। तेहरान ने चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका के सभी सैन्य बेस उसके निशाने पर हैं और आगे की कार्रवाई से इंकार नहीं किया जा सकता। इस बीच क्षेत्रीय सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और हवाई-समुद्री गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलों के धमाके होने से सभी आठ देशों में अफरा-तफरी फैल गई। लोग इधर से उधर दौड़ते देखे गये।
तनाव यहीं नहीं थम रहा। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में जहाज़ों पर हमलों का दावा किया, जबकि इज़राइल पर भी रॉकेट हमलों की बात सामने आई। उधर हिज़्बुल्लाह द्वारा लेबनान से इज़राइल की ओर हमले किए जाने की खबरें हैं, जिससे उत्तरी सीमा पर भी तनाव बढ़ गया है। एक साथ कई मोर्चों पर सक्रियता ने हालात को और जटिल बना दिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान द्वारा एक साथ सात देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा, संघर्ष के दायरे को क्षेत्रीय से वैश्विक स्तर की ओर धकेल सकता है। इसी के साथ यह आशंका गहराने लगी है कि कहीं हालात तीसरे विश्व युद्ध की ओर तो नहीं बढ़ रहे। हालांकि ईरान ने स्पष्ट किया है कि जिन छह देशों में इज़राइल के अलावा हमले किए गए, वहां लक्ष्य अमेरिकी सैन्य अड्डे थे, न कि संबंधित देशों की संप्रभु संपत्तियां।
कुल मिलाकर, आज सुबह ईरान पर हुए हमलों के बाद उसकी जवाबी कार्रवाई ने मध्य-पूर्व को अभूतपूर्व अस्थिरता में धकेल दिया है। आने वाले घंटे यह तय करेंगे कि कूटनीति बाज़ी मारती है या संघर्ष और फैलता है।