करण जौहर की टैलेंट एजेंसी से जान्हवी कपूर आउट, फिल्ममेकर बोले- वो किसी के नहीं, वफादार नहीं
करण जौहर ने कहा कि एक्टर्स अब हर दो साल में एक एजेंसी से दूसरी एजेंसी में चले जाते हैं और ये किसी भी एजेंसी के प्रति वफादार नहीं होते हैं। बता दें कि हाल ही में जाह्नवी कपूर के करण जौहर की टैलेंट एजेंसी से बाहर हुई हैं।
मुंबई। हाल ही में खबर आई थी कि जाह्नवी कपूर, जिनका करियर पहले करण जौहर की धर्मा कॉर्नरस्टोन आर्टिस्ट एजेंसी (डीसीएए) के जरिए मैनेज किया जा रहा था। उन्होंने अब अपनी एजेंसी बदल ली है। अब जान्हवी कलेक्टिव आर्टिस्ट नेटवर्क में शामिल हो गई हैं। सिर्फ जाह्नवी कपूर ही नहीं बल्कि उनसे पहले कई एक्टर्स ने काफी समय तक एक ही एजेंसी के साथ रहने के बाद अपनी एजेंसियां बदली हैं, जिनमें रणवीर सिंह और परिणीति चोपड़ा के भी नाम शामिल हैं जिन्होंने वाईआरएफ की टैलेंट मैनेजमेंट एजेंसी छोड़ दी।
यूं तो एक्टर्स अपने लिए अच्छे अवसर पाने के लिए एजेंसियों पर डिंपेंड रहते हैं लेकिन करण जौहर ने कहा है कि इस कॉम्पिटिटिव बिजनेस में एक्टर किसी के प्रति वफादार नहीं होते। हाल ही में करण ने सार्थक आहूजा के साथ बातचीत में इस मुद्दे पर बातें कीं। करण ने कहा कि टैलेंट मैनेजमेंट एक थैंकलेस जॉब है क्योंकि सच ये है कि कोई लॉयल नहीं होता।
उन्होंने अपने मन में दबी बातों को खुलकर जाहिर करते हुए कहा, 'हर दो साल में लोग एक एजेंसी से दूसरी एजेंसी में जाते रहते हैं क्योंकि वे इनसिक्योर महसूस करते हैं। इस बिजनेस में कोई वफादार नहीं है, एक्टर बस इधर-उधर भटकते रहते हैं। तो आप अपने जीवन के दो साल किसी टैलेंट पर लगाते हैं और वे अचानक कहीं और चले जाते हैं, फिर उन्हें वहां अच्छा नहीं लगता और वे आपके पास वापस आना चाहते हैं। यह एक दुष्चक्र है।'
करण ने इसी बातचीत में आगे कहा कि इस बिजनेस में, केवल कलाकारों के साथ जुड़कर पैसा कमाना बहुत मुश्किल है, इसलिए लोग अब इक्विटी इन्वेस्टमेंट की ओर देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई टैलेंट एजेंसियां अपने कलाकारों के साथ इक्विटी पार्टनरशिप कर रही हैं और उन पार्टनरशिप से पैसा कमाने की कोशिश कर रही हैं। कलाकारों पर केवल कमीशन से आपको कुछ नहीं मिलेगा क्योंकि कलाकार कोई नहीं हैं। वे बिल्कुल कोई नहीं हैं, वो किसी के नहीं हैं।'
करण ने कहा कि उन्होंने टैलेंट मैनेजमेंट में इसलिए कदम रखा क्योंकि यह उनके पास स्वाभाविक रूप से आया। उन्होंने कहा कि इस बिजनेस का 90 प्रतिशत हिस्सा लोगों के अहम और असुरक्षाओं को संभालने से जुड़ा है, जो आसान नहीं है। उन्होंने आगे कहा, 'अगर आप टैलेंट मैनेजमेंट को एक व्यावसायिक अवसर के रूप में देखेंगे, तो कुछ नहीं होगा।'
फिल्म मेकर ने कहा, '31 साल इस बिजनेस में रहने के बाद, मैं सफलता और असफलता के प्रति सहज हो गया हूं क्योंकि मुझे लगता है कि मेरी खुशी और दुख मेरी सफलता और असफलता का परिणाम नहीं हो सकते, क्योंकि तब तो मैं आईसीयू में पहुंच जाऊंगा।' बता दें कि करण की एजेंसी रोहित सराफ, सारा अली खान, शनाया कपूर, राशा थडानी जैसे कई एक्टर्स को मैनेज करती है।