महिलाओं पर टिप्पणी को लेकर जाट महासभा का सपा प्रवक्ता पर तीखा हमला, कहा- जाट और गुर्जर समाज से तुरंत मांगें माफी, नहीं तो होगा विरोध
आगरा। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी द्वारा जाट एवं गुर्जर समाज की महिलाओं को लेकर की गई अशोभनीय टिप्पणी पर अखिल भारतीय जाट महासभा ने कड़ी नाराजगी जताई है। महासभा ने बयान को समाज और महिलाओं का अपमान बताते हुए राजकुमार भाटी से सार्वजनिक माफी की मांग की है। साथ ही समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से भी ऐसे नेताओं पर कठोर कार्रवाई करने की अपील की गई है।
किसान नेता स्वर्गीय महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर 14 मई को नई दिल्ली स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब में एक शाम किसान मसीहा के नाम, कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसी कार्यक्रम में बोलते हुए सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी द्वारा जाट एवं गुर्जर समाज की महिलाओं के प्रति कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणी की गई, जिसके बाद जाट समाज में भारी आक्रोश फैल गया।
अखिल भारतीय जाट महासभा के जिला अध्यक्ष कप्तान सिंह चाहर, महामंत्री वीरेंद्र सिंह छोंकर, महानगर अध्यक्ष गजेंद्र सिंह नरवार (पूर्व पार्षद), महामंत्री भारत सिंह कुंतल, महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष श्रीमती निर्मल चाहर, महामंत्री श्रीमती सरोज चाहर, महानगर अध्यक्ष श्रीमती वंदना सिंह तथा श्रीमती निशा सिंह चौधरी समेत कई पदाधिकारियों ने संयुक्त बयान जारी कर राजकुमार भाटी के बयान की निंदा की।
महासभा पदाधिकारियों ने कहा कि राजकुमार भाटी आए दिन चर्चा में बने रहने के लिए किसी न किसी समाज पर अभद्र और अपमानजनक टिप्पणियां करते रहते हैं। यह उनकी विवेकहीनता और सामाजिक मर्यादाओं के प्रति असंवेदनशीलता को दर्शाता है। जिला अध्यक्ष कप्तान सिंह चाहर ने स्पष्ट कहा कि जाट और गुर्जर महिलाओं के सम्मान पर की गई टिप्पणी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और राजकुमार भाटी को तत्काल समाज से माफी मांगनी चाहिए।
कप्तान सिंह चाहर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मांग की कि ऐसे राष्ट्रीय प्रवक्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, जो राजनीतिक सुर्खियां बटोरने के लिए विभिन्न समाजों और महिलाओं का अपमान करते रहते हैं।
जाट महासभा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि राजकुमार भाटी ने शीघ्र ही अपने बयान पर जाट और गुर्जर समाज से माफी नहीं मांगी, तो उनके खिलाफ व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।