आगरा के खेड़ा राठौर क्षेत्र में छत के ऊपर झूलती बिजली लाइन ने छीनी 20 साल के युवक की जिंदगी, बचाने दौड़ी किशोरी भी झुलसी, तीन-तीन शिकायतों के बाद भी नहीं जागा था बिजली विभाग, युवक की मौत के बाद पांच लाख की मदद की पेशकश पर भड़के ग्रामीण

आगरा। थाना खेड़ा राठौर क्षेत्र के गांव मझटीला के उपगांव बिरखेपुरा में विद्युत विभाग की कथित लापरवाही ने एक परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। घर की छत के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से 20 वर्षीय युवक जितेंद्र की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसे बचाने पहुंची एक किशोरी भी झुलस गई। हादसे के बाद गांव में कोहराम मच गया और गुस्साए परिजनों व ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर हंगामा किया।

May 20, 2026 - 20:36
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आगरा के खेड़ा राठौर क्षेत्र में छत के ऊपर झूलती बिजली लाइन ने छीनी 20 साल के युवक की जिंदगी, बचाने दौड़ी किशोरी भी झुलसी, तीन-तीन शिकायतों के बाद भी नहीं जागा था बिजली विभाग, युवक की मौत के बाद पांच लाख की मदद की पेशकश पर भड़के ग्रामीण
विद्युत लाइन की चपेट में आने से मृत युवक जितेंद्र का फाइल फोटो।

हादसे के बाद गांव में मौके पर जुटी आक्रोशित भीड़ को शांत करते पुलिसकर्मी।

परिजनों के अनुसार जितेंद्र घर की छत पर था, तभी अचानक वह ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गया। तेज करंट लगते ही वह गंभीर रूप से झुलस गया। उसे बचाने दौड़ी एक किशोरी भी करंट की चपेट में आकर झुलस गई। आनन-फानन में परिजन जितेंद्र को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

हादसे के बाद मृतक के परिजन मुकेश और अन्य ग्रामीणों ने विद्युत विभाग पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। ग्रामीणों का कहना था कि लंबे समय से विभागीय अधिकारियों से हाईटेंशन लाइन हटाने या शिफ्ट करने की मांग की जा रही थी। इस संबंध में तीन बार लिखित शिकायत भी दी गई थी, लेकिन विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की।

ग्रामीणों ने बताया कि इसी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर पहले भी दो कुत्तों और एक मोर की मौत हो चुकी थी। इसके बावजूद विभाग ने खतरे को नजरअंदाज किया। आरोप है कि लाइन शिफ्ट करने के लिए पहले दो लाख रुपये और बाद में 1.40 लाख रुपये की मांग की गई, जिसे ग्रामीण देने में सक्षम नहीं थे। लोगों का कहना है कि विभाग की इसी उदासीनता ने आज एक नौजवान की जान ले ली।

जितेंद्र की मौत के बाद मौके पर पहुंचे विद्युत विभाग के अधिकारियों ने पांच लाख रुपये मुआवजा और सरकारी सुविधाएं देने की बात कही, लेकिन आक्रोशित ग्रामीण और भड़क उठे। लोगों का कहना था कि यदि समय रहते लाइन हटा दी गई होती तो यह हादसा नहीं होता। ग्रामीणों ने बताया कि मृतक का दूसरा भाई विकलांग है, जिससे इस गरीब परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह परिजनों और ग्रामीणों को शांत कराया। इसके बाद पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पूरे गांव में घटना के बाद भारी आक्रोश और शोक का माहौल बना हुआ है।

SP_Singh AURGURU Editor