251 जोड़ों के संग लड्डू गोपाल पहुंचे कथा स्थल, गोपाल सहस्त्रनाम और तुलसी अर्चन से गूंजा महाराजा अग्रसेन भवन, कार्तिकेय जन्म और गणेश जन्मोत्सव प्रसंग सुन श्रद्धालु हुए भावविभोर

आगरा। लोहामंडी स्थित महाराजा अग्रसेन भवन गुरुवार को भक्ति, श्रद्धा और सनातन आस्था के अद्भुत संगम का साक्षी बना, जहां शिव परिवार संस्था द्वारा आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के पंचम दिवस पर कथा स्थल पूरी तरह कृष्णमय और शिवमय वातावरण में डूबा दिखाई दिया। प्रातःकाल आयोजित गोपाल सहस्त्रनाम, तुलसी अर्चन एवं पूजन में 251 जोड़ों ने सहभागिता कर वातावरण को दिव्यता से भर दिया। श्रद्धालु अपने-अपने घरों से सुसज्जित लड्डू गोपाल विग्रह लेकर पहुंचे, जिससे पूरा कथा परिसर मानो वृंदावन की अलौकिक छटा से आलोकित हो उठा।

May 21, 2026 - 19:06
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251 जोड़ों के संग लड्डू गोपाल पहुंचे कथा स्थल, गोपाल सहस्त्रनाम और तुलसी अर्चन से गूंजा महाराजा अग्रसेन भवन, कार्तिकेय जन्म और गणेश जन्मोत्सव प्रसंग सुन श्रद्धालु हुए भावविभोर
महाराजा अग्रसेन भवन, लोहा मंडी में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के दौरान गोपाल सहस्त्रनाम एवं तुलसी अर्चन पूजन करते श्रद्धालु।

आचार्य विष्णु कांत शास्त्री एवं मृदुल कांत शास्त्री के मार्गदर्शन में 11 ब्राह्मणों के सानिध्य में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल का विधिवत पूजन संपन्न हुआ। फूलों, आकर्षक वस्त्रों और आभूषणों से सजे लड्डू गोपाल विग्रहों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। वैदिक मंत्रोच्चार, गोपाल सहस्त्रनाम पाठ और तुलसी अर्चन के बीच कथा स्थल पूरी तरह भक्तिरस में डूब गया। श्रद्धालु श्रीकृष्ण नाम संकीर्तन और मंगल गीतों के साथ भक्ति में लीन दिखाई दिए।

मुख्य यजमान छोटेलाल बंसल एवं कांता बंसल ने विधिवत पूजन कर आयोजन की मंगलकामना की। शिव परिवार संस्था के सदस्य अखिल मोहन मित्तल ने बताया कि पुरुषोत्तम मास के अंतर्गत वर्षभर के विभिन्न धार्मिक उत्सवों को कथा के साथ जोड़ा गया है, जिससे श्रद्धालुओं को अनेक पर्वों का पुण्य लाभ एक साथ प्राप्त हो रहा है।

सायंकाल आयोजित श्री शिव महापुराण कथा में कथा व्यास मृदुल कांत शास्त्री ने भगवान कार्तिकेय जन्म एवं गणेश जन्मोत्सव प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान गणेश बुद्धि, विवेक और मंगल के प्रतीक हैं, जबकि भगवान कार्तिकेय साहस, शौर्य और धर्म रक्षा के देवता माने जाते हैं। दोनों स्वरूप मानव जीवन को ज्ञान और शक्ति के संतुलन का संदेश देते हैं।

कथा व्यास ने कहा कि भगवान गणेश की प्रथम पूजा का विधान यह प्रेरणा देता है कि प्रत्येक शुभ कार्य की शुरुआत श्रद्धा, विनम्रता और मंगल भावना से होनी चाहिए। वहीं भगवान कार्तिकेय का जीवन धर्म रक्षा, कर्तव्य पालन और साहस का प्रतीक है। कथा के दौरान भगवान गणेश और कार्तिकेय की मनमोहक झांकियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। जयघोष, भजन और मंगल गीतों के बीच श्रद्धालु देर रात तक भक्ति और उल्लास में डूबे रहे।

इस अवसर पर प्रशांत मित्तल, जितेंद्र गोयल, गौरव मित्तल, सुनील गोयल, राकेश अग्रवाल, महावीर प्रसाद मंगल, अंजना अग्रवाल, सीमा गोयल, अमीषा अग्रवाल, नीरज अग्रवाल, सलिल गोयल, आशीष अग्रवाल, दीपांशु अग्रवाल, अश्विनी बंसल, आकाश अग्रवाल, अनुरंजन सिंघल, वीरेंद्र सिंघल, निखिल गर्ग, महेश गोयल, जितेंद्र जैन, अनूप अग्रवाल, मुकेश गोयल, मनोज अग्रवाल, सरजू बंसल, छुट्टन जैन आदि ने व्यवस्थाओं में सहयोग प्रदान किया।

SP_Singh AURGURU Editor