यूपी बीजेपी में महा फेरबदल की आहट, बदलेंगे क्षेत्रीय अध्यक्ष, नई टीम में दिख सकते हैं बड़े चेहरे

उत्तर प्रदेश भाजपा में बड़े संगठनात्मक बदलाव की तैयारी तेज हो गई है। सभी 98 संगठनात्मक जिलों में जिलाध्यक्षों की नियुक्ति पूरी होने के बाद अब पार्टी प्रदेश कार्यकारिणी गठन की ओर बढ़ रही है। भाजपा सभी छह क्षेत्रीय अध्यक्षों को बदल सकती है, जबकि युवा, महिला और ओबीसी मोर्चों में भी नए चेहरों को मौका मिलने की संभावना है। स्मृति ईरानी जैसे बड़े नेताओं को भी संगठन में अहम जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा है। गुरुवार को जारी चौथी सूची में पांच नए जिलाध्यक्षों की घोषणा की गई, जिसमें जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर खास जोर दिखाई दिया।

May 28, 2026 - 21:39
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यूपी बीजेपी में महा फेरबदल की आहट, बदलेंगे क्षेत्रीय अध्यक्ष, नई टीम में दिख सकते हैं बड़े चेहरे

जिलाध्यक्षों की घोषणा के बाद अब प्रदेश संगठन पर हाईकमान का फोकस

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी में संगठनात्मक बदलाव का दौर तेज हो गया है। आज चार राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष घोषित होने के बाद अब पार्टी हाईकमान का पूरा ध्यान उत्तर प्रदेश के संगठन विस्तार पर केंद्रित हो गया है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की नई टीम को लेकर दिल्ली से लेकर लखनऊ तक हलचल तेज है। माना जा रहा है कि जल्द ही प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा की जाएगी, जिसमें कई बड़े और चर्चित चेहरे शामिल हो सकते हैं।

सूत्रों के मुताबिक इस बार संगठन में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी जैसे कद्दावर नेताओं को भी बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। वहीं पार्टी सभी छह क्षेत्रीय अध्यक्षों को बदलने की तैयारी में है। इसके अलावा भाजपा के तमाम मोर्चों युवा, महिला, पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित मोर्चा में भी नए चेहरों को मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है।

जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधने की तैयारी

भाजपा आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने पर खास जोर दे रही है। नई टीम में ओबीसी, दलित, सवर्ण और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखकर जिम्मेदारियां बांटे जाने की चर्चा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पार्टी संगठन में बदलाव के जरिए कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरना चाहती है। साथ ही लोकसभा और विधानसभा चुनावों के मद्देनजर बूथ स्तर तक मजबूत संदेश देने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।

भाजपा ने जारी की जिलाध्यक्षों की चौथी सूची

भाजपा ने गुरुवार शाम जिलाध्यक्षों की चौथी सूची जारी करते हुए पांच नए जिलाध्यक्षों की घोषणा कर दी। इसके साथ ही प्रदेश के सभी 98 संगठनात्मक जिलों में जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हो गई है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने देवरिया जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह को हटाकर पूर्व विधायक काली प्रसाद को नया जिलाध्यक्ष बनाया है।

अस्पताल में भर्ती थे काली प्रसाद, तभी मिला जिलाध्यक्ष बनने का फोन

देवरिया में एक दिलचस्प तस्वीर भी देखने को मिली। काली प्रसाद ब्लड प्रेशर और चक्कर आने की शिकायत के बाद लार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती थे। अस्पताल में इलाज के दौरान ही उन्हें फोन पर जिलाध्यक्ष बनाए जाने की जानकारी मिली। इसके बाद अस्पताल परिसर में भाजपा कार्यकर्ताओं की भीड़ जुट गई। समर्थकों ने अस्पताल में ही माला पहनाकर उनका स्वागत किया, मिठाइयां बांटी गईं और पटाखे छोड़कर खुशी का इजहार किया गया।

वाराणसी और गोरखपुर में चली बड़े नेताओं की पसंद

अंबेडकर नगर में त्रयंबक तिवारी की जगह दिलीप देव पटेल को जिलाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं वाराणसी में राम सकल पटेल और गोरखपुर महानगर में रमेश प्रसाद गुप्ता को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पसंद और गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सहमति से जिलाध्यक्षों के नाम तय किए गए।
नवनियुक्त जिलाध्यक्षों में एक ठाकुर, दो कुर्मी, एक वैश्य और एक अनुसूचित जाति वर्ग से हैं। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि भाजपा सामाजिक समीकरणों को साधने की रणनीति पर तेजी से काम कर रही है।

चंदौली में फिर मजबूत हुए काशीनाथ सिंह

भाजपा संगठन चुनाव के प्रभारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय के गृह जनपद चंदौली में भी दिलचस्प राजनीतिक संदेश देखने को मिला। उनके प्रतिद्वंदी माने जाने वाले काशीनाथ सिंह एक बार फिर जिलाध्यक्ष बनने में सफल रहे। इसे संगठन के भीतर शक्ति संतुलन और स्थानीय समीकरणों के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

अब सबकी नजर प्रदेश कार्यकारिणी पर

जिलाध्यक्षों की नियुक्ति पूरी होने के बाद अब भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं की नजर प्रदेश कार्यकारिणी के गठन पर टिक गई है। माना जा रहा है कि नई टीम में कई चौंकाने वाले नाम सामने आ सकते हैं और संगठन में व्यापक फेरबदल देखने को मिलेगा।