अवैध असलाह लाइसेंस कांड में बड़ा झटका, आरोपियों की जमानत खारिज, कानूनी शिकंजा कसना शुरू
आगरा के अवैध असलाह लाइसेंस मामले में आरोपी मोहम्मद जैद और अरशद की जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट से मिली गिरफ्तारी पर रोक भी समाप्त हो चुकी थी। एसटीएफ की ओर से जांच अधिकारी ने अदालत में मजबूत पक्ष रखा। मामले में सात लोगों को नामजद किया गया है और जल्द ही अन्य आरोपियों पर भी कार्रवाई संभव है।
आगरा। अवैध असलाह लाइसेंस प्रकरण में आरोपियों को अदालत से बड़ा झटका लगा है। नामजद आरोपी मोहम्मद जैद और अरशद द्वारा दायर जमानत याचिका को न्यायालय ने सख्ती के साथ खारिज कर दिया। सुनवाई के दौरान अदालत ने साफ संकेत दिए कि मामले की गंभीरता को देखते हुए फिलहाल राहत नहीं दी जा सकती।
इससे पहले दिसंबर माह में आरोपियों को देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट से मिली गिरफ्तारी पर रोक (अरेस्ट स्टे) भी समाप्त हो चुकी थी। स्टे हटने के बाद आरोपियों को निचली अदालत में जमानत के लिए अपील करने का अवसर मिला, लेकिन वहां भी उन्हें राहत नहीं मिल सकी।
सुनवाई के दौरान एसटीएफ की ओर से जांच अधिकारी इंस्पेक्टर यतीन्द्र शर्मा ने मजबूती से पक्ष रखा। उन्होंने अदालत को बताया कि अवैध असलाह लाइसेंस जारी करने के मामले में संगठित तरीके से नियमों का उल्लंघन किया गया है और जांच में कई अहम तथ्य सामने आए हैं। अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि यदि आरोपियों को जमानत दी जाती है तो वे साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर सकते हैं या जांच को प्रभावित कर सकते हैं।
वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने आरोपियों को निर्दोष बताते हुए जमानत की मांग की, लेकिन अदालत उनकी दलीलों से संतुष्ट नहीं हुई। सभी पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने जमानत याचिका खारिज करने का आदेश पारित कर दिया।
सात लोगों के खिलाफ दर्ज है मुकदमा
इस मामले में एसटीएफ द्वारा थाना नाई की मंडी में दर्ज मुकदमे में कुल सात लोगों को नामजद किया गया है। इनमें शोभित, असलाह बाबू संजय कपूर, मोहम्मद जैद, अरशद, भूपेंद्र सारस्वत, शिव सारस्वत,राजेश बघेल शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई हो सकती है। जांच एजेंसियां मामले के वित्तीय और प्रशासनिक पहलुओं की भी गहराई से पड़ताल कर रही हैं। पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त जांच अभी जारी है और यह प्रकरण आने वाले समय में और बड़े खुलासे कर सकता है।