वृंदावन के प्रताप बाजार में एसी ब्लास्ट से पोशाक गोदाम में भीषण आग, धुआं और लपटों से मचा हड़कंप, दमकल की चार गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद पाया काबू
वृंदावन। प्रताप बाजार स्थित पुरानी स्टेट बैंक शाखा के पीछे छीपी गली में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब राधा कृष्ण पोशाक भंडार के गोदाम में भीषण आग लग गई। आग लगने से पूरे इलाके में धुएं का घना गुबार फैल गया और आसपास के लोगों में दहशत का माहौल बन गया।
चौथी मंजिल पर एसी ब्लास्ट से उठी चिंगारी, तेजी से फैली आग
जानकारी के अनुसार छीपी गली स्थित पार्थ बंसल और अमित बंसल के मकान में निचले हिस्से में परिवार निवास करता है, जबकि तीसरी और चौथी मंजिल पर राधा कृष्ण पोशाक भंडार का गोदाम व पैकिंग का कार्य होता है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक चौथी मंजिल पर लगे एसी में अचानक ब्लास्ट हुआ, जिससे निकली चिंगारियों ने वहां रखे कपड़ों को तुरंत अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में तीसरी मंजिल तक पहुंच गई।
इलाके में मचा हड़कंप, रिहायशी मकानों से लोगों को निकाला गया
आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घनी आबादी वाले क्षेत्र में स्थित इस इमारत से लोगों को तत्काल सुरक्षित बाहर निकाला गया। राहत की बात यह रही कि समय रहते रिहायशी मंजिलों को खाली करा लिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
दमकल की चार गाड़ियां, टैंकर और जलपुरुष की मदद से काबू
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की चार गाड़ियां और एक पानी का टैंकर मौके पर पहुंचा और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया। इसी दौरान जलपुरुष प्रमोद गर्ग कसेरे द्वारा भी कई पानी से भरे टैंकर मौके पर भेजे गए, जिससे आग पर काबू पाने में बड़ी मदद मिली। स्थानीय लोगों के अनुसार, पानी की समय पर उपलब्धता के कारण ही आग को पहली और दूसरी मंजिल तक फैलने से रोका जा सका, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
लाखों का नुकसान, ठाकुर जी की पोशाकें जलकर खाक
इस भीषण अग्निकांड में ठाकुर जी के लिए तैयार की गई पोशाकें, कपड़े और भारी मात्रा में कच्चा माल जलकर पूरी तरह राख हो गया। प्रारंभिक आकलन के अनुसार व्यापारी को करीब 20 से 25 लाख रुपये तक के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। दमकल कर्मी देर रात तक आग पर पूरी तरह काबू पाने और कूलिंग ऑपरेशन में जुटे रहे।
घटना के दौरान जलपुरुष प्रमोद गर्ग कसेरे ने अपने स्तर से जल आपूर्ति कर दमकल कार्य में सहयोग दिया। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी इंडस्ट्रियल एरिया की एक फैक्टरी में लगी आग के दौरान उनके टैंकरों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में यदि कहीं जल संकट उत्पन्न होता है तो उनके कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है, जल सेवा के लिए उनके दरवाजे सदैव खुले हैं।