कन्याकुमारी में उमड़ रहा पर्यटकों का सैलाब, विवेकानंद रॉक और कांच का पुल बने सबसे बड़े आकर्षण
-आरके सिंह- कन्याकुमारी। छुट्टियों के चलते तमिलनाडु के कन्याकुमारी में इन दिनों पर्यटकों की अच्छी खासी भीड़ उमड़ रही है। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे पर्यटकों के लिए समुद्र के बीच स्थित विवेकानंद रॉक मेमोरियल, स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा, तिरुवल्लुवर प्रतिमा और दोनों को जोड़ने वाला कांच का पुल पर्यटकों के लिए प्रमुख रूप से आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। पर्यटक सूर्योदय और सूर्यास्त के मनोरम दृश्यों का आनंद लेने के साथ इन स्थलों के आध्यात्मिक और प्राकृतिक अनुभव भी साझा कर रहे हैं।
मध्य प्रदेश के शिवपुरी निवासी सेवानिवृत्त व्यायाम शिक्षक धर्मेंद्र ने स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा के दर्शन के बाद विशेष ऊर्जा का अनुभव होने की बात कही। उन्होंने कहा कि रॉक मेमोरियल का वातावरण मन को सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है।
भूगोल की शिक्षक नीलू चौहान ने कांच के पुल पर पहुंचने के अनुभव को अतुलनीय बताया। उन्होंने कहा कि समुद्र के ऊपर बने कांच के पुल से चारों ओर का प्राकृतिक दृश्य देखकर उन्हें बेहद आनंद मिला। स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा के दर्शन के बाद उनकी आस्था और भावनाएं और प्रबल हुईं। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने रॉक मेमोरियल के संबंध में जो विचार व्यक्त किए थे, उन्हें यहां आकर देखना उनके लिए सार्थक अनुभव रहा।
मध्य प्रदेश के भौराना-बैराड़ निवासी जितेंद्र ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में कम से कम एक बार कन्याकुमारी आकर विवेकानंद रॉक मेमोरियल अवश्य देखना चाहिए। उनके अनुसार, यहां पहुंचने पर स्वामी विवेकानंद के प्रति आस्था और श्रद्धा का भाव और गहरा होता है।
उत्तर प्रदेश के बरेली की रेनू सिंह ने कहा कि स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा के दर्शन के बाद उनके भीतर पैदा हुई आस्था और श्रद्धा को शब्दों में व्यक्त करना कठिन है। उन्होंने कहा कि समुद्र के बीच स्थित रॉक मेमोरियल का वातावरण मन को गहराई से प्रभावित करता है।
पर्यटकों के अनुसार एक ओर समुद्र की विशालता, दूसरी ओर स्वामी विवेकानंद की स्मृति से जुड़ा रॉक मेमोरियल और तिरुवल्लुवर प्रतिमा तथा दोनों को जोड़ने वाला कांच का पुल कन्याकुमारी की यात्रा को यादगार बनाता है। यहां आध्यात्मिकता, प्रकृति और आधुनिक स्थापत्य का अनूठा संगम देखने को मिलता है।
छुट्टियों के दौरान पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से स्थानीय दुकानदारों और पर्यटन आधारित कारोबार से जुड़े लोगों को भी लाभ मिला। तटीय क्षेत्र में पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पुलिस की गश्त बढ़ाई गई है।
विवेकानंद रॉक मेमोरियल मुख्य भूमि से समुद्र में स्थित चट्टानी द्वीप पर बना है। यहां पहुंचने के लिए नियमित नौका सेवा संचालित होती है। विवेकानंद केंद्र के अनुसार, स्मारक तक पहुंचने के लिए पूम्पुहार शिपिंग कॉरपोरेशन की नौकाएं चलती हैं।
उपलब्ध सितंबर 2026 की रिपोर्टों में विवेकानंद रॉक मेमोरियल और तिरुवल्लुवर प्रतिमा पर पर्यटकों की संख्या को लेकर उसी दिन किसी वरिष्ठ अधिकारी का नया बयान उपलब्ध नहीं है। हालांकि, जनवरी 2026 की एक रिपोर्ट में कन्याकुमारी की जिलाधिकारी आर. अलगुमीना ने पोंगल के दौरान नौका सेवा और पर्यटकों की सुविधाओं के लिए जिला प्रशासन की तैयारियों की जानकारी दी थी। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में कांच के पुल से जुड़े फेरी मार्ग पर 27,33,290 पर्यटकों ने यात्रा की थी।
सितंबर 2025 की एक अन्य रिपोर्ट में जिलाधिकारी आर. अलगुमीना ने बताया था कि विवेकानंद रॉक और तिरुवल्लुवर प्रतिमा को जोड़ने वाले कांच के पुल पर उस समय तक 17.5 लाख पर्यटक पहुंच चुके थे।
जनवरी 2026 में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में 27.33 लाख से अधिक पर्यटकों ने कन्याकुमारी फेरी सेवा का उपयोग किया था। कांच के पुल के निर्माण से पहले वर्ष 2024 में यह संख्या करीब 20.13 लाख थी। इससे कन्याकुमारी के प्रमुख पर्यटन स्थलों के प्रति बढ़ते आकर्षण का संकेत मिलता है।