सपा-बीजेपी की तैयारी के बीच मायावती का बड़ा ऐलान,   पार्टी के नेताओं को बुलाया लखनऊ,  बनेगी नई रणनीति

 मायावती ने मंगलवार को पार्टी के लखनऊ कार्यालय में प्रदेश और जिला स्तरीय पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इसमें आगामी रणनीति पर भी चर्चा होने की संभावना है।

Mar 30, 2026 - 21:22
Mar 30, 2026 - 21:52
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सपा-बीजेपी की तैयारी के बीच मायावती का बड़ा ऐलान,   पार्टी के नेताओं को बुलाया लखनऊ,  बनेगी नई रणनीति

 
 
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के आगाज के बीच 29 मार्च को समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने नोएडा में पीडीए रैली कर चुनावी अभियान का शंखनाद किया। वहीं अब बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी आज (सोमवार 30 मार्च) को बड़ा ऐलान कर दिया है। मायावती ने मंगलवार (31 मार्च) को पार्टी के लखनऊ कार्यालय में सभी प्रदेश व जिला स्तरीय पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इसमें पार्टी की मजबूती के साथ ही आगामी रणनीति पर भी चर्चा होने की संभावना है।

पार्टी कार्यालय द्वारा मीडिया कवरेज की सूचना के मुताबिक पार्टी की चुनावी तैयारियां, संगठन की जमीनी मजबूती,  आर्थिक स्थिति और सर्व समाज में पार्टी का जनाधार बढ़ाने की भी समीक्षा होगी। इसके साथ ही आगामी आंबेडकर जयंती की तैयारियों पर भी चर्चा हो सकती है।
 
पार्टी सूत्रों के मुताबिक बसपा सुप्रीमो मायावती पार्टी कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक की कमेटियों की स्थिति, टारगेट की प्रगति और संगठनात्मक कार्यों की रिपोर्ट लेंगी। हाल के दिनों में बसपा ने संगठन को मजबूत करने और बहुजन एकता पर जोर दिया है। इस बैठक को मिशन 2027 के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके अलावा बाबा साहब की जयंती को लेकर भी चर्चा संभावित है। पार्टी पूरे जोर शोर से इस कार्यक्रम को मनाती रही है। इसके साथ ही कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को और अधिक सक्रिय होने और लोगों के बीच जाने के निर्देश मिल सकते हैं।

एक दिन पहले ही रविवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने नोएडा में पीडीए रैली कर वेस्ट यूपी में से चुनावी शंखनाद का आगाज किया, जबकि जेवर एयरपोर्ट के बहाने 28 मार्च को पीएम मोदी ने भी नोएडा में एक रैली को संबोधित किया था। जबकि मायावती ने एक्स पर पोस्ट कर जेवर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को अपनी सरकार में शुरू होना बताया था।

बीते कुछ दिनों में जिस परकार प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मियां बढीं हैं, उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पार्टियों ने अभी से विधानसभा चुनावों के लिए अपने पक्ष में माहौल बनाना शुरू कर दिया है।