आगरा में शाही ईदगाह से फतेहपुर सीकरी तक गूंजा अमन का पैगाम, अदा हुई ईद-उल-अजहा की नमाज

आगरा में ईद-उल-अजहा की नमाज शाही ईदगाह समेत 181 मस्जिदों में शांतिपूर्ण ढंग से अदा की गई। पुलिस-प्रशासन ने ड्रोन और सीसीटीवी निगरानी के बीच कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की। ताजमहल परिसर में विदेशी पर्यटकों ने भी नमाज अदा की। नमाज के बाद उत्तर प्रदेश मुस्लिम पंचायत ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठाई। वहीं फतेहपुर सीकरी में भी भाईचारे और अमन-चैन के माहौल में पर्व मनाया गया।

May 28, 2026 - 11:02
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आगरा में शाही ईदगाह से फतेहपुर सीकरी तक गूंजा अमन का पैगाम, अदा हुई ईद-उल-अजहा की नमाज
ईदगाह में नमाज अदा करते नमाजी। एक-दूसरे से गले मिलकर बधाई देते लोग।

आगरा। आगरा में गुरुवार सुबह ईद-उल-अजहा पूरी आस्था, उल्लास और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। सुबह 6:47 बजे शहर की शाही ईदगाह पर हजारों नमाजियों ने एक साथ ईद की नमाज अदा की। नमाज के दौरान पूरा इलाका सुरक्षा घेरे में रहा। पुलिस-प्रशासन की ओर से चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात की गई थी, जबकि ड्रोन कैमरों से आसमान से निगरानी रखी गई।

ताजनगरी की पहचान ताजमहल परिसर में भी बकरीद की नमाज अदा की गई। यहां मौजूद नाइजीरियन पर्यटकों ने भी नमाज में हिस्सा लिया और स्थानीय लोगों के साथ गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। इस दौरान देश-विदेश के लोगों के बीच भाईचारे और सौहार्द की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली।

शहर की जामा मस्जिद, लोहामंडी स्थित मस्जिद समेत सभी प्रमुख मस्जिदों में भी निर्धारित समय पर नमाज अदा की गई। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की शुभकामनाएं दीं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी में त्योहार को लेकर खास उत्साह दिखाई दिया।

सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद

ईद-उल-अजहा को लेकर आगरा पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आई। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए लगातार निगरानी की गई। सोशल मीडिया मॉनिटरिंग भी की गई ताकि किसी तरह की अफवाह या भ्रामक सूचना फैलने न पाए। डीसीपी सिटी ने बताया कि शाही ईदगाह सहित शहर की 181 मस्जिदों में नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। पुलिस और प्रशासन ने लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

नमाज के बाद उठी गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग

नमाज समाप्त होने के बाद उत्तर प्रदेश मुस्लिम पंचायत के कुछ सदस्य पोस्टर लेकर ईदगाह पहुंचे। उन्होंने केंद्र सरकार से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की। पंचायत पदाधिकारियों ने कहा कि गौ तस्करी और लापरवाही के कारण गायों पर अत्याचार हो रहे हैं तथा कई स्थानों पर गायें कूड़े के ढेरों में पड़ी मिलती हैं।

प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि “रहीम भी हमारे हैं और राम भी प्यारे हैं।” उनका कहना था कि कुछ तथाकथित संगठन गाय रक्षा के नाम पर समाज में तनाव फैलाते हैं, जबकि वास्तविक जरूरत गायों की सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित करने की है।

पंचायत सदस्यों ने कहा कि यदि केंद्र सरकार गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करती है तो उसकी सुरक्षा को लेकर और सख्त व्यवस्थाएं लागू हो सकेंगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का मुसलमान गाय माता का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा और गाय की सुरक्षा पूरे समाज की जिम्मेदारी है।

फतेहपुर सीकरी में भी दिखा भाईचारे का संदेश

फतेहपुर सीकरी कस्बे में भी ईद-उल-अजहा का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। कस्बे की विभिन्न मस्जिदों, जिनमें शाही जामा मस्जिद (दरगाह) प्रमुख रही, में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने नमाज अदा की। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की बधाई दी और अमन-चैन तथा भाईचारे के लिए दुआएं मांगीं। पूरे क्षेत्र में त्योहार को लेकर उत्साह का माहौल रहा।

एएसआई और पुलिस रही अलर्ट

फतेहपुर सीकरी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) की सुरक्षा टीम और स्थानीय पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही। थाना प्रभारी निरीक्षक आनंद वीर सिंह ने पुलिस बल के साथ क्षेत्र का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

सौहार्द की मिसाल बनी ईद

ईद-उल-अजहा के मौके पर आगरा और फतेहपुर सीकरी में जो तस्वीरें सामने आईं, उन्होंने एक बार फिर गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक सौहार्द की मिसाल पेश की। नमाज के बाद लोगों ने प्रेम, भाईचारे और शांति का संदेश दिया। प्रशासन ने भी त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में अहम भूमिका निभाई।