मध्य पूर्व में महायुद्ध का आगाज़: इज़राइल की ईरान पर प्री-एम्प्टिव स्ट्राइक, 30 स्थानों पर धमाकों से दहला तेहरान, पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट
तेहरान। शनिवार यानि 28 फरवरी 2026 की सुबह मध्य पूर्व की राजनीति और सुरक्षा समीकरण उस वक्त पूरी तरह बदल गए, जब इज़राइल ने ईरान पर अचानक बड़ा सैन्य हमला शुरू कर दिया। राजधानी तेहरान समेत ईरान के कई इलाकों में जोरदार विस्फोटों और मिसाइल हमलों की आवाज़ें सुनी गई हैं। इज़राइल ने इस कार्रवाई को प्री-एम्प्टिव स्ट्राइक यानी एहतियाती हमला बताते हुए संभावित खतरों को पहले ही निष्क्रिय करने का दावा किया है। इस हमले के बाद क्षेत्र में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। इन हमलों के साथ ही ईरान ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है। माना जा रहा है कि इजराइली हमलों को अमेपिका की ओर से भी पूरा सपोर्ट मिल रहा है। अब ईरान के जवाबी पलटवार का इंतजार किया जा रहा है।
इजराइल ने ईरान पर अपने हमलों को शील्ड ऒफ जुदाह नाम दिया है। इज़राइल ने तड़के ईरान के खिलाफ हवाई और मिसाइल हमलों की श्रृंखला शुरू की। तेहरान के कई संवेदनशील इलाकों में धमाके हुए, जिनके बाद धुएं के घने गुबार आसमान में उठते देखे गए। राष्ट्रपति भवन, खुफिया एजेंसी के मुख्यालय समेत कई अन्य सरकारी और सैन्य ठिकानों पर इजराइल द्वारा बमवारी किए जाने की सूचना है। यह भी खबरें मिल रही हैं कि इजराइल के साथ अमेरिकी नौसेना और वायुसेना ने भी इन हमलों में इजराइल का साथ दिया है।
इज़राइली रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ ने आधिकारिक बयान में कहा कि यह हमला एहतियाती रणनीति के तहत किया गया है, ताकि भविष्य में इज़राइल के खिलाफ किसी भी बड़े खतरे को समय रहते रोका जा सके।
ईरानी मीडिया ने भी राजधानी और अन्य क्षेत्रों में विस्फोटों की पुष्टि की है, हालांकि अभी तक नुकसान और हताहतों को लेकर आधिकारिक आंकड़े सामने नहीं आए हैं। बताया जा रहा है कि ईरान में 30 स्थानों पर एक साथ हमले किये गये हैं।
हमले के तुरंत बाद इज़राइल ने पूरे देश में आपातकाल घोषित कर दिया। और अपना एयरस्पेस बंद कर दिया। देश भर में सायरन बजाए गए। नागरिकों को शेल्टर के पास रहने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूल, शैक्षणिक संस्थानों के साथ ही अन्य सार्वजनिक गतिविधियां स्थगित कर दी गई हैं। सरकार ने जनता से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और सुरक्षा निर्देशों का सख्ती से पालन करें।
इजराइली हमलों के ईरान ने भी अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है। ईरान की ओर से जल्द संभावित जवाबी कार्रवाई की आशंका व्यक्त की जा रही है। ईरान की ओर से अधिकारिक तौर पर कहा गया है कि लड़ाई तुमने शुरू की और इसे खत्म हम करेंगे।
इस हमले ने पूरे मध्य पूर्व को युद्ध के मुहाने पर ला खड़ा किया है। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कूटनीतिक प्रयास चल रहे थे।
कई देशों ने अपने दूतावासों और सैन्य ठिकानों को हाई अलर्ट पर रखा है। वैश्विक शक्तियां स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि किसी भी जवाबी कार्रवाई से संघर्ष के और फैलने की आशंका है।