आगरा में मोबाइल टॉवर चोर गैंग का पर्दाफाश, एयरटेल टॉवर से उपकरण चोरी करने वाले 5 शातिर गिरफ्तार
आगरा के थाना जगदीशपुरा पुलिस ने मोबाइल टॉवर से उपकरण चोरी करने वाले अंतरजनपदीय गैंग के पांच शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने बोदला स्थित एयरटेल टॉवर से RRU उपकरण चोरी करना कबूला है। पुलिस ने चोरी का उपकरण, स्कूटी, औजार, मोबाइल फोन और नकदी बरामद की है। गिरोह ने गुरुग्राम में भी वारदात करना स्वीकार किया है।
आगरा। आगरा के थाना जगदीशपुरा पुलिस ने मोबाइल टॉवर से महंगे उपकरण चोरी करने वाले एक अंतरजनपदीय गैंग का पर्दाफाश करते हुए पांच शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी किया गया आरआरयू (RRU) उपकरण, वारदात में इस्तेमाल स्कूटी, चोरी के औजार, चार मोबाइल फोन और नकदी बरामद की है। पुलिस के अनुसार गिरोह मोबाइल टॉवरों की रेकी कर सुनसान इलाकों में वारदात को अंजाम देता था और चोरी किए गए उपकरणों को बेच देता था।
एयरटेल टॉवर से हुई थी चोरी
थाना जगदीशपुरा क्षेत्र की इन्द्रप्रस्थ कॉलोनी, बोदला स्थित एयरटेल टॉवर से 11 मई की रात आरआरयू (Remote Radio Unit) उपकरण चोरी हुआ था। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने सेक्टर-6 और सेक्टर-7 के बीच खाली मैदान में दबिश देकर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में कबूली कई वारदातें
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने 11 मई की रात मोबाइल टॉवर से आरआरयू उपकरण चोरी किया था। आरोपियों ने यह भी कबूला कि वे गुरुग्राम सहित अन्य शहरों में भी मोबाइल टॉवरों से उपकरण चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। गिरोह पहले मोबाइल टॉवरों की रेकी करता था और सुरक्षा व्यवस्था कमजोर मिलने पर रात में चोरी की वारदात करता था।
ये आरोपी हुए गिरफ्तार
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आशीष राघव, दानिश, सुभाष कुमार, मनजीत सिंह और सुखबीर के रूप में की है। पुलिस के मुताबिक आरोपी बुलंदशहर, गाजियाबाद, एटा और फिरोजाबाद जिलों के रहने वाले हैं।
चोरी का सामान और नकदी बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक चोरी किया गया आरआरयू उपकरण, वारदात में इस्तेमाल स्कूटी, चोरी में उपयोग किए गए औजार, चार मोबाइल फोन और 12,130 रुपये नकद बरामद किए हैं। जांच में सामने आया कि चोरी में इस्तेमाल स्कूटी आरोपी दानिश की है। पुलिस अब गिरोह के अन्य साथियों और चोरी के नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है।
कई जिलों में फैला हो सकता है नेटवर्क
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह गैंग लंबे समय से सक्रिय था और कई जिलों में मोबाइल टॉवरों को निशाना बना चुका है। पुलिस अब अन्य राज्यों और जिलों में दर्ज समान घटनाओं से भी इस गैंग का कनेक्शन खंगाल रही है।