नवजातों के लिए देवदूत बनीं माताएं, दुग्ध दान करने वाली महिलाओं को मां यशोदा गौरव सम्मान, मातृ दुग्ध बैंक ने 14 नवजातों को दिया जीवनदान
आगरा। मानवता, मातृत्व और सेवा का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला जब नवजात शिशुओं की जीवन रक्षा के लिए अपना मातृ दुग्ध दान करने वाली माताओं को माँ यशोदा गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। श्री चंद्रभान साबुन वाला सेवा ट्रस्ट द्वारा खतैना रोड, प्रताप नगर स्थित गर्भाधान संस्कार एवं मेटरनिटी होम में आयोजित कार्यक्रम में मातृत्व की इस महान सेवा को समाज के सामने प्रेरणा के रूप में प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कथा प्रवक्ता नीरज नयन महाराज ने मातृ दुग्ध बैंक की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रकल्प पीड़ा को परोपकार में बदलने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि मातृ दुग्ध प्रदान करने की यह सेवा अलौकिक, अतुलनीय और प्रशंसनीय है। सेवा से अंतःकरण पवित्र होता है और पवित्र अंतःकरण में भगवान का वास होता है। उन्होंने समाज से ऐसे सेवा प्रकल्पों से जुड़कर मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर दुग्ध दान करने वाली माताओं प्रीति, रितु, दीपिका, शमा, शालू, प्रियंका और अनु को माँ यशोदा गौरव सम्मान प्रदान किया गया। साथ ही इस सेवा कार्य में सहयोग करने वाली एसएन मेडिकल कॉलेज की डॉ. रुचिका बैनेट और नर्सिंग ऑफिसर एडना को भी सम्मानित किया गया। मुंशी पन्ना मातृ दुग्ध बैंक के मुख्य दानदाता नितिन अग्रवाल और सुलेखा अग्रवाल को भी पटका पहनाकर, प्रमाण पत्र, उपहार और प्रसाद देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए रमेश चंद्र अग्रवाल ने दिव्य संतान प्राप्ति के लिए गर्भाधान संस्कार के महत्व पर प्रकाश डाला। श्री चंद्रभान साबुन वाला सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने बताया कि इसी माह के प्रारंभ में नवजात शिशुओं की जीवन रक्षा के उद्देश्य से मुंशी पन्ना मातृ दुग्ध बैंक की स्थापना की गई थी। अल्प समय में ही इस बैंक ने अपनी उपयोगिता सिद्ध करते हुए 49 माताओं के सहयोग से 2610 मिलीलीटर मातृ दुग्ध संग्रह किया, जबकि 14 नवजात शिशुओं को 1090 मिलीलीटर जीवनदाई अमृत प्रदान किया गया।
महामंत्री मनोज अग्रवाल और मंत्री राजीव जैन ने कहा कि माँ के दूध की हर बूंद में जीवन की उम्मीद छिपी होती है। उन्होंने समाज की माताओं से इस पुनीत कार्य में आगे आने की अपील करते हुए कहा कि एक छोटा सा योगदान किसी नवजात के लिए नया जीवन बन सकता है।
कार्यक्रम में दुग्ध बैंक संयोजक राजकुमार गर्ग, नरेंद्र कुमार अग्रवाल, कोषाध्यक्ष सीए अंकुर अग्रवाल, पारुल जैन, निधि अग्रवाल, एचके बंसल, राकेश गर्ग, श्वेता गर्ग और डॉ. सुवर्णा सिंह ने व्यवस्थाओं का संचालन संभाला। पूरे कार्यक्रम और सेवा प्रकल्प का निर्देशन आगरा और सूरत के प्रमुख समाजसेवी अशोक गोयल ने किया।
सनातन संस्कृति से जुड़ी मातृ दुग्ध बैंक की प्रेरणा
अशोक गोयल ने बताया कि आगरा और उत्तर भारत में पहली बार स्थापित मुंशी पन्ना मातृ दुग्ध बैंक की प्रेरणा सनातन संस्कृति से मिली है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का पालन-पोषण माता यशोदा ने अपने दूध से किया था, जबकि कर्ण को माता राधा का स्नेह मिला था। भगवान कार्तिकेय का पालन माता कृतिका ने किया था। हमारे शास्त्र ऐसे उदाहरणों से भरे पड़े हैं और अब कलयुग में भी यह सेवा प्रकल्प उन मूल्यों को जीवंत करता दिखाई दे रहा है।