लोकसभा में कांग्रेस पर गरजे सांसद राजकुमार चाहर, कृषि बजट को बताया किसान-हितैषी

भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं फतेहपुर सीकरी सांसद राजकुमार चाहर ने लोकसभा में केंद्रीय बजट 2025-26 के तहत कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान मोदी सरकार की किसान-हितैषी नीतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि बजट में कृषि, किसान और गांव को प्राथमिकता दी गई है। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर एमएसपी को लेकर हमला बोला, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की बात कही, दलहन उत्पादन के लिए विशेष योजना की मांग उठाई और फतेहपुर सीकरी में अंतरराष्ट्रीय आलू अनुसंधान केंद्र की स्थापना को क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। साथ ही आलू बोर्ड गठन, कोल्ड स्टोरेज बिजली दरों में राहत और भूमिहीन मजदूरों के लिए विशेष समिति बनाने की मांग भी रखी।

Mar 18, 2026 - 20:15
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लोकसभा में कांग्रेस पर गरजे सांसद राजकुमार चाहर, कृषि बजट को बताया किसान-हितैषी
लोकसभा में बोलते हुए सांसद राजकुमार चाहर।

एमएसपी, प्राकृतिक खेती, दलहन उत्पादन और आलू किसानों के मुद्दे उठाए, फतेहपुर सीकरी में अंतरराष्ट्रीय आलू अनुसंधान केंद्र को बताया बड़ी उपलब्धि

आगरा। भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं फतेहपुर सीकरी लोकसभा क्षेत्र के सांसद राजकुमार चाहर ने बुधवार को लोकसभा में केंद्रीय बजट 2025-26 के तहत कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बजट में जिस प्रकार कृषि, किसान और गांव को प्राथमिकता दी गई है, वह सराहनीय है।

सांसद चाहर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के नेतृत्व में किसानों के जीवन में लगातार सकारात्मक परिवर्तन हुए हैं। किसान की आय बढ़ाने, जीवन स्तर सुधारने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य हो रहा है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि 65 वर्षों के शासन में किसानों के हित में अभी तक कोई पांच योजनाओं में से एक भी ठोस योजना दिखाई नहीं देती।

कांग्रेस पर तीखा हमला, एमएसपी को लेकर उठाए सवाल

एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कभी इसे कानूनी दर्जा देने की पहल नहीं की, जबकि मोदी सरकार लगातार एमएसपी बढ़ाने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस केवल भ्रम फैलाने का काम करती रही है।

गांव और किसानों के विकास की ऐतिहासिक पहल

उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे गांवों को शहरों से जोड़ने में मदद मिली और किसान अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में सक्षम हुए। साथ ही उन्होंने चौधरी चरण सिंह को “किसान मसीहा” बताते हुए उनके योगदान को याद किया।

कृषि उत्पादन में भारत की वैश्विक स्थिति मजबूत

सांसद चाहर ने बताया कि आज भारत दूध उत्पादन में विश्व में प्रथम स्थान पर है, जबकि चावल, गेहूं, फल एवं सब्जियों के उत्पादन में दूसरे स्थान पर है। देश का कुल खाद्यान्न उत्पादन लगभग 355 मिलियन टन तक पहुंच गया है।

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर

उन्होंने प्राकृतिक खेती को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता प्रभावित हुई है।
उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने और पर्यावरण व स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने का आह्वान किया।

किसान अब अन्नदाता के साथ ऊर्जा दाता भी

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और कुसुम योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अब किसान ऊर्जा उत्पादन में भी योगदान दे रहा है। सोलर पंप, सोलर प्लांट और गोबरधन योजना के माध्यम से किसान आत्मनिर्भर बन रहा है।

कृषि अनुसंधान और शिक्षा को मिल रहा बढ़ावा

उन्होंने बताया कि देश में 110 से अधिक आईसीएआर संस्थान और 70 से अधिक कृषि विश्वविद्यालय किसानों के हित में कार्य कर रहे हैं। कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा के लिए बजट में 9,980 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

दलहन उत्पादन बढ़ाने की मांग

सांसद चाहर ने दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने की मांग रखते हुए कहा कि देश को हर वर्ष लगभग 42 हजार करोड़ रुपये का दलहन आयात करना पड़ता है। उन्होंने बुंदेलखंड और ब्रज क्षेत्र में दलहन उत्पादन को बढ़ाने के लिए विशेष योजना बनाने की आवश्यकता बताई।

फतेहपुर सीकरी में बन रहा है अंतरराष्ट्रीय आलू अनुसंधान केंद्र

उन्होंने गर्व के साथ बताया कि साउथ एशिया के लिए अंतरराष्ट्रीय आलू अनुसंधान केंद्र की शाखा उनके संसदीय क्षेत्र फतेहपुर सीकरी के गांव सींगना में स्थापित की जा रही है।इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र से जुड़े भूमिहीन मजदूरों के लिए भी एक विशेष समिति बनाई जानी चाहिए, जो उनकी समस्याओं का अध्ययन कर समाधान प्रस्तुत करे।

आलू किसानों के हित में उठाई अहम मांगें

आलू किसानों के हित में उन्होंने आलू बोर्ड के गठन की मांग की। साथ ही कोल्ड स्टोरेज पर बिजली दरों में सब्सिडी देने या घरेलू दरों के समान शुल्क लागू करने की बात कही। अंत में सांसद राजकुमार चाहर ने कहा कि मोदी सरकार किसानों को सम्मान, सुरक्षा और समृद्धि देने के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी इसी दिशा में कार्य जारी रहेगा।