ग्रेटर आगरा और अटलपुरम की रफ्तार पर नए उपाध्यक्ष की नजर, धीमे काम पर जताई नाराजगी
आगरा विकास प्राधिकरण के नवागत उपाध्यक्ष ने 24 सितंबर को ग्रेटर आगरा और अटलपुरम टाउनशिप का स्थलीय निरीक्षण किया। ग्रेटर आगरा में 45 मीटर महायोजना मार्ग, आरसीसी कार्यों की गुणवत्ता, निर्माण सामग्री के सैंपल, हरित क्षेत्र और मॉडल पॉकेट को लेकर निर्देश दिए गए। वहीं अटलपुरम में विकास कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए ईपीसी एजेंसी को काम में तेजी लाने और गुणवत्ता के साथ समयसीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
आगरा। आगरा विकास प्राधिकरण के नवागत उपाध्यक्ष ने गुरुवार को मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत विकसित की जा रही ग्रेटर आगरा योजना और ग्राम ककुआ-भांडई स्थित अटलपुरम टाउनशिप का स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता, हरित क्षेत्र के विकास और निर्धारित समयसीमा को लेकर अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अटलपुरम में विकास कार्यों की अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान प्राधिकरण के सचिव, मुख्य अभियंता, अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, अवर अभियंता, संबंधित कंसलटेंट, कार्यदायी फर्म तथा ईपीसी एजेंसी के प्रतिनिधि मौजूद रहे। नवागत उपाध्यक्ष ने दोनों योजनाओं के स्थलीय विकास को मौके पर देखा और अधिकारियों से चल रहे कार्यों की जानकारी ली।
ग्रेटर आगरा में 45 मीटर महायोजना मार्ग का निरीक्षण
ग्रेटर आगरा योजना के अंतर्गत तीन हिस्सों में बनाए जा रहे 45 मीटर चौड़े महायोजना मार्ग का निरीक्षण किया गया। मौके पर निर्माण कार्य चलता हुआ मिला। निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष ने आरसीसी कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अभियंताओं और कार्यदायी फर्म के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि आरसीसी कार्यों में निर्धारित मानकों के अनुरूप नियमित रूप से क्यूरिंग कराई जाए। उन्होंने निर्माण कार्य की समयावधि और प्रगति को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के लिए आवश्यक सूचना प्रदर्शक बोर्ड लगाने के भी निर्देश दिए, ताकि मौके पर कार्य की समयसीमा और प्रगति की जानकारी स्पष्ट रूप से उपलब्ध रहे।
इंजीनियर की मौजूदगी में लिए जाएं निर्माण सामग्री के सैंपल
ग्रेटर आगरा योजना में निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता को लेकर भी उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को सतर्क किया। उन्होंने परियोजना प्रबंधन कंसलटेंट (पीएमसी) को निर्देश दिए कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांच के लिए लिए जाने वाले सभी सैंपल योजना के अवर अभियंता अथवा सहायक अभियंता की मौजूदगी में ही लिए जाएं। इससे निर्माण सामग्री की जांच प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया है।
पहले विकसित होगा हरित क्षेत्र, मॉडल पॉकेट भी बनेगा
ग्रेटर आगरा योजना में प्रस्तावित हरित क्षेत्र को प्राथमिकता के आधार पर विकसित कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही पौधारोपण के बाद उसके नियमित निरीक्षण और अनुरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। आवंटियों और आम लोगों को योजना के सुनियोजित विकास का प्रत्यक्ष स्वरूप दिखाने के लिए कम से कम एक मॉडल पॉकेट विकसित करने के निर्देश भी दिए गए। इसके जरिए योजना में प्रस्तावित विकास कार्यों को एक मॉडल क्षेत्र के रूप में प्रदर्शित किया जा सकेगा। इसके अलावा मुख्य अभियंता को ग्रेटर आगरा योजना में प्रस्तावित ग्रुप हाउसिंग भूखंडों के विक्रय के लिए सुविचारित प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
अटलपुरम में धीमी प्रगति पर नाराजगी
इसके बाद नवागत उपाध्यक्ष ने ग्राम ककुआ-भांडई स्थित अटलपुरम टाउनशिप का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने विकास कार्यों की प्रगति और मौके की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अवर अभियंताओं और सहायक अभियंताओं को टाउनशिप स्थल का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्य के दौरान सामने आने वाली कमियों को केवल मौखिक रूप से बताने के बजाय फोटोग्राफ के साथ संक्षिप्त टिप्पणी संबंधित व्हाट्सएप ग्रुप पर नियमित रूप से पोस्ट की जाए, ताकि कमियों की निगरानी और उनके निस्तारण की प्रक्रिया प्रभावी ढंग से हो सके। अटलपुरम टाउनशिप के विकास कार्यों में ईपीसी एजेंसी द्वारा अपेक्षित प्रगति हासिल नहीं किए जाने पर उपाध्यक्ष ने अप्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने एजेंसी को विकास कार्यों की गति बढ़ाने और निर्धारित समयावधि में उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
नहर की गहराई और चौड़ाई सुनिश्चित करने के निर्देश
अटलपुरम टाउनशिप क्षेत्र में सिंचाई विभाग की नहर के आने वाले हिस्से को लेकर भी निर्देश दिए गए। ईपीसी एजेंसी को नहर वाले हिस्से की गहराई बढ़ाने और निर्धारित चौड़ाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि टाउनशिप के विकास कार्यों के साथ नहर की संरचना भी निर्धारित मानकों के अनुरूप रहे। निरीक्षण के दौरान नवागत उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि दोनों योजनाओं में विकास कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और नियमित निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही मौके पर सामने आने वाली कमियों का तत्काल संज्ञान लेकर उनका निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।