स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा से विपक्ष ने खींचे हाथ, कार्यवाही पूरे दिन के लिए हुई स्थगित
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव लेकर आया था लेकिन इस मुद्दे पर चर्चा की बजाय विपक्ष मिडिल ईस्ट के संकट पर चर्चा की मांग कर रहा था।
नई दिल्ली। बजट सत्र के दूसरे चरण का पहला दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ गया। लोकसभा की कार्यवाही बार-बार स्थगित होती रही। वैसे तो लोकसभा में अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर विपक्ष का नोटिस था जिस पर बहस होनी थी और जरूरत पड़ी तो वोटिंग भी होती। कल कांग्रेस की बैठक में भी तय हुआ था कि अविश्वास प्रस्ताव पर सरकार को घेरा जाएगा। ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी ने भी अपनी हामी भर दी थी और यह भी कहा था कि अगर वोटिंग होती है तो विपक्ष के साथ वोट भी करेगी।
लेकिन आज सुबह इंडिया ब्लॉक की एक बैठक हुई। इसमें राहुल गांधी, अखिलेश यादव और दूसरी पार्टियों के नेता भी मौजूद थे। इस बैठक में तय हुआ कि खाड़ी देशों में जो हालात पैदा हुए हैं, उसे ज्यादा तरजीह मिलनी चाहिए और इस मुद्दे पर सदन में चर्चा की मांग करनी चाहिए। मीटिंग में इस बात पर भी चर्चा हुई कि लोकसभा अध्यक्ष के मुद्दे पर यदि वोटिंग होती है तो आंकड़े सरकार के पक्ष में हैं और विपक्ष को हार का ही सामना करना पड़ेगा। इसलिए अभी इस मुद्दे को छोड़ देना चाहिए।
कांग्रेस के उपर भी केरल के सांसदों का दबाव था कि खाड़ी के देशों में जो हो रहा है, उसका एक बड़ा असर केरल पर पड़ेगा क्योंकि केरल के करीब 25 लाख लोग खाड़ी देशों में काम करते हैं और केरल की अर्थव्यवस्था पर इसका खासा असर पड़ेगा। बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि करीब एक करोड़ लोग खाड़ी के देशों में रह रहे हैं और वो सब संकट में पड़ सकते हैं, इसलिए यह मुद्दा बड़ा है. उसी के बाद इंडिया ब्लाक ने अपनी रणनीति बदलने का फैसला किया।
इस बात पर भी चर्चा हुई कि सदन में विदेश मंत्री के बयान के एकदम बाद विपक्ष इसी मुद्दे पर बहस कराने की मांग करे और हुआ भी यही। सदन की कार्यवाही बार बार स्थगित हुई और बाद में दिन भर के लिए लोकसभा को स्थगित करना पड़ा। राहुल गांधी ने बाद में पत्रकारों से कहा कि 'वेस्ट एशिया में जो हो रहा है, उससे कितना नुकसान होगा। हमारी अर्थव्यवस्था को जबरदस्त नुकसान होने वाला है। स्टॉक मार्केट का हाल आप देख ही चुके हैं। इकनॉमी को जबरदस्त चोट पहुंचने वाली है। उस पर चर्चा करने में क्या दिक्कत है? तेल के दाम, देश की अर्थव्यवस्था ये सब जनता के मुद्दे हैं। लोकसभा अध्यक्ष के मुद्दे पर बाद में चर्चा कर लेंगे।
विपक्षी दलों को लगता है कि यह अल्पसंख्यकों से जुड़ा मामला है और इस पर स्टैंड लेना जरूरी है। विपक्ष के सांसदों ने संसद में जो प्रदर्शन किया।उसके बैनर पर 'मध्यपूर्व जल रहा है। भारतीय फंसे हुए हैं, तेल का कोई पता नहीं. मोदी जी, ट्रम्प के आगे झुकना बंद करें' लिखा हुआ था।
उधर संसद भवन में सरकार की तरफ से बैठकें हुई. विदेश मंत्री जयशंकर की एनएसए अजित डोवाल और सीडीएस अनिल चौहान की मुलाकात हुई। वहीं सरकार की तरफ से वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने राहुल गांधी को फेल्ड नेता प्रतिपक्ष बताया तो अनुराग ठाकुर ने कहा कि विपक्ष का केवल हंगामा और ड्रामा करना है। विपक्ष स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया लेकिन खुद चर्चा से भाग रहा है।
पहला दिन तो हंगामे में निकल गया लेकिन बताया जा रहा है कि मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है, जिसकी शुरुआत संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू करेंगे. इस बहर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी हिस्सा लेंगे।