बरेली में अमन और भाईचारे के साथ गूंजी ईद-उल-अज़हा की तकबीरें, ईदगाह से दरगाहों तक उमड़ा सैलाब, नमाज़ के बाद चला सुन्नते इब्राहीमी का सिलसिला

-आरके सिंह- बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद में गुरुवार को ईद-उल-अज़हा का पर्व पूरे अमन-चैन, धार्मिक उल्लास और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। सुबह से ही शहर की ईदगाहों, दरगाहों और छोटी-बड़ी मस्जिदों में नमाज़ियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। नमाज़ अदा करने के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी और मुल्क में अमन, खुशहाली और तरक्की के लिए ख़ुसूसी दुआएं मांगी गईं। नमाज़ के बाद सुन्नते इब्राहीमी यानी कुर्बानी का सिलसिला भी शुरू हो गया, जो तीन दिन तक जारी रहेगा।

May 28, 2026 - 16:58
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बरेली में अमन और भाईचारे के साथ गूंजी ईद-उल-अज़हा की तकबीरें, ईदगाह से दरगाहों तक उमड़ा सैलाब, नमाज़ के बाद चला सुन्नते इब्राहीमी का सिलसिला
बरेली में ईद-उल-अजहा की नमाज अदा करते मुस्लिम समाज के लोग।

शहर की मुख्य नमाज़ बाकरगंज स्थित ईदगाह में सुबह 10 बजे अदा की गई, जहां काज़ी-ए-हिंदुस्तान मुफ़्ती असजद रज़ा क़ादरी उर्फ असजद मियां ने हजारों नमाज़ियों को ईद-उल-अज़हा की नमाज़ अदा कराई। नमाज़ के बाद उन्होंने ख़ुत्बा पढ़ा और मुल्क में भाईचारे, अमन और इंसानियत की सलामती के लिए दुआ कराई। इसके बाद नमाज़ियों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी।

इस मौके पर जमात रज़ा मुस्तफ़ा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान हसन ख़ान उर्फ फरमान मियां ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि कुर्बानी के दौरान weमवतन भाइयों की आस्था का पूरा सम्मान किया जाए और खुले स्थानों पर कुर्बानी न की जाए। उन्होंने साफ-सफाई और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की भी अपील की। ईदगाह कमेटी के सदर ख़लील अहमद ने भी लोगों को मुबारकबाद देते हुए आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया।

ईदगाह समेत शहर की तमाम मस्जिदों में इमामों ने हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम और हज़रत इस्माइल अलैहिस्सलाम की कुर्बानी का मशहूर वाकया बयान करते हुए कहा कि इंसान को अल्लाह की राह में अपनी सबसे प्यारी चीज़ कुर्बान करने से पीछे नहीं हटना चाहिए। उलेमाओं ने कुर्बानी के असल मकसद को समझाते हुए इंसानियत, त्याग और अल्लाह की बंदगी का संदेश दिया।

शहर में सबसे पहले सुबह 5 बजकर 40 मिनट पर बाजार संदल स्थित दरगाह वली मियां की चांद मस्जिद और ज़खीरा की दुलिया वाली मस्जिद में ईद की नमाज़ अदा की गई। वहीं दरगाह आला हज़रत मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने जानकारी देते हुए बताया कि सबसे आखिर में दरगाह आला हज़रत स्थित रज़ा मस्जिद में सुबह साढ़े दस बजे मुफ़्ती ज़ईम रज़ा ने नमाज़ अदा कराई। यहां ख़ुसूसी दुआ अल्लामा तौसीफ रज़ा ख़ान उर्फ तौसीफ मियां ने कराई। इस दौरान दरगाह प्रमुख हज़रत सुब्हानी मियां, सज्जादानशीन मुफ़्ती अहसन मियां समेत खानदान के बुजुर्गों और बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने नमाज़ अदा कर ईद की मुबारकबाद दी।

गढ़ी चौकी स्थित गढ़ी मस्जिद में दो शिफ्टों में नमाज़ अदा कराई गई। पहली शिफ्ट सुबह सात बजे और दूसरी शिफ्ट साढ़े सात बजे आयोजित हुई। इसके अलावा दरगाह ताजुश्शरिया में सुबह 6:30 बजे, दरगाह शाह शराफत अली मियां में 6:45 बजे, खानकाह-ए-वामिकिया निशातिया में 7:30 बजे तथा खानकाह-ए-नियाज़िया, दरगाह बशीर मियां और दरगाह रफ़ीकुल औलिया में साढ़े आठ बजे नमाज़ अदा की गई। किला स्थित जामा मस्जिद, नौमहला मस्जिद और दरगाह शाहदाना वली में सुबह नौ बजे ईद की नमाज़ हुई।

नमाज़ और कुर्बानी के बाद घरों में दावतों और मेल-मिलाप का दौर शुरू हो गया। सेवइयों के साथ तरह-तरह के पारंपरिक पकवान बनाए गए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में ईद को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रही और पुलिस-प्रशासन लगातार निगरानी करता नजर आया।

SP_Singh AURGURU Editor