रील वायरल कर जहर फैलाने वालों पर नकेल की तैयारी, कनेक्ट बरेली जोन इन्फ्लुएंसर्स मीट यूपी–2026 में सख्त संदेश- फेक कंटेंट, अफवाह और साइबर अपराध पर होगा अब डिजिटल वार
-आरके सिंह- बरेली। रील, लाइक और फॉलोअर्स की दौड़ के बीच सोशल मीडिया अब सिर्फ मनोरंजन का मंच नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और सुरक्षा का सबसे बड़ा डिजिटल मोर्चा बनता जा रहा है। बरेली पुलिस लाइन स्थित रविंद्रालय में रविवार को आयोजित कनेक्ट बरेली जोन इन्फ्लुएंसर्स मीट यूपी–2026 में साफ संदेश दिया गया कि एक वायरल पोस्ट समाज में जागरूकता भी फैला सकती है और भारी अफवाह का कारण भी बन सकती है। इसी कारण सोशल मीडिया को अब पुलिस का डिजिटल हथियार बनाकर फेक कंटेंट और साइबर अपराध के खिलाफ इस्तेमाल करने की रणनीति तैयार की जा रही है।
नौ जिलों के 100 से अधिक डिजिटल क्रिएटर्स हुए शामिल
इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर, मुरादाबाद, रामपुर, अमरोहा, संभल और बिजनौर से आए 100 से अधिक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, कंटेंट क्रिएटर्स और डिजिटल वॉलंटियर्स ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में डिजिटल दुनिया की ताकत और उसकी सामाजिक जिम्मेदारी पर विस्तृत चर्चा हुई।
सोशल मीडिया बन रहा जनमत और चेतना का सबसे बड़ा माध्यम
बरेली जोन के एडीजी रमित शर्मा ने कहा कि सोशल मीडिया आज जनमत निर्माण और सामाजिक चेतना का सबसे प्रभावी साधन है। उन्होंने डिजिटल वॉलंटियर्स की भूमिका को अफवाह रोकने, त्वरित सूचना आदान-प्रदान और कानून व्यवस्था बनाए रखने में बेहद महत्वपूर्ण बताया।
बरेली एसएसपी अनुराग आर्य ने स्पष्ट कहा कि भ्रामक और असत्य सूचना समाज में तनाव और अराजकता फैला सकती है। उन्होंने इन्फ्लुएंसर्स से अपील की कि किसी भी पोस्ट से पहले उसकी सत्यता की जांच अनिवार्य रूप से करें।
साइबर अपराध और डिजिटल ठगी पर विस्तृत चेतावनी
पीलीभीत के एएसपी विक्रम दहिया ने साइबर अपराध, ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल सुरक्षा पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने साइबर हेल्प डेस्क और साइबर पुलिस स्टेशन की कार्यप्रणाली समझाते हुए बताया कि किस तरह लोग लगातार ऑनलाइन ठगी का शिकार हो रहे हैं।
संभल के एएसपी मनोज रावत ने सड़क सुरक्षा पर प्रेजेंटेशन देते हुए हेलमेट, सीट बेल्ट और ओवरस्पीडिंग के खतरों पर जोर दिया।
कानूनी सख्ती और डिजिटल कंटेंट पर निगरानी
एएसपी शिवम आशुतोष और एएसपी डॉ. नताशा गोयल ने आईटी एक्ट, नए आपराधिक कानूनों और डिजिटल कंटेंट से जुड़े कानूनी पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी धर्म, वर्ग या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कंटेंट गंभीर कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।
महिला सुरक्षा पर विशेष फोकस
एएसपी सोनाली मिश्रा ने महिला सुरक्षा और डिजिटल प्लेटफॉर्म के सकारात्मक उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने 1090 वुमन पावर हेल्पलाइन समेत कई सुरक्षा सेवाओं की जानकारी साझा की और कहा कि सोशल मीडिया को महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करने का माध्यम बनना चाहिए।
डिजिटल वॉलंटियर्स की बड़ी भूमिका पर जोर
कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि यदि युवा डिजिटल क्रिएटर्स जिम्मेदारी के साथ काम करें तो फेक न्यूज, साइबर अपराध, महिला सुरक्षा और ट्रैफिक जागरूकता जैसे अभियानों में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
कार्यक्रम का संचालन सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर वरुण वशिष्ठ ने किया। कार्यक्रम में सभी वरिष्ठ अधिकारी और इन्फ्लुएंसर्स की सक्रिय भागीदारी रही।