पीएम बोले- बंगाल के लिए बीजेपी दिन-रात एक कर देगी, पहली कैबिनेट में आयुष्मान योजना लागू होगी
पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल के भविष्य की एक ऐसी यात्रा शुरू हो रही है जहां विकास, अटूट विश्वास और नई उम्मीदें कदम से कदम मिलाकर चलेंगी। मैं आज हर बंगालवासी को भरोसा देता हूं, बंगाल के बेहतर भविष्य के लिए, भाजपा दिन-रात एक कर देगी। बंगाल में अब महिलाओं को सुरक्षा का माहौल मिलेगा, युवाओं को रोजगार मिलेगा, पलायन रुकेगा।
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में मिली बंपर जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय से एक ऐसा ऐलान कर दिया जिसे सुनकर बंगाल के लोग खुश हो जाएंगे। पीएम मोदी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि भाजपा की सरकार बनने के बाद पश्चिम बंगाल में पहली कैबिनेट की बैठक में आयुष्मान योजना को लागू किया जाएगा।
पीएम मोदी ने कहा कि आज जब बंगाल ने परिवर्तन के नए दौर में प्रवेश किया है, तो मैं बंगाल के हर राजनीतिक दल से एक आग्रह भी करना चाहता हूं, बंगाल में बीते दशकों में राजनीतिक हिंसा की वजह से न जाने कितनी जिंदगियां बर्बाद हो गईं। मेरा स्पष्ट मानना है कि आज से बंगाल की इन चुनावी आदतों में बदलाव आना चाहिए। आज जब भाजपा जीती है, तो बदला नहीं, बदलाव की बात होनी चाहिए। भय नहीं, भविष्य की बात होनी चाहिए।
पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल का यह चुनाव एक और वजह से बहुत खास रहा है। आप याद कीजिए, बंगाल चुनाव के समय कैसी खबरें आती थीं। हिंसा, डर और निर्दोष लोगों की मौतें। लेकिन इस बार पूरे देश ने एक नई खबर सुनी कि पश्चिम बंगाल में शान्तिपूर्ण मतदान हुआ। पहली बार ऐसा हुआ कि चुनावी हिंसा में एक भी निर्दोष नागरिक की जान नहीं गई। लोकतंत्र के इस महापर्व में बंदूक की आवाज नहीं, जनता-जनार्दन की आवाज गूंजी। पहली बार डर नहीं, लोकतंत्र जीता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज देश का हर राज्य भी एक-दूसरे से लड़कर नहीं, एक-दूसरे के साथ मिलकर आगे बढ़ना चाहता है। इन चुनावों ने इस संदेश को भी बहुत स्पष्ट किया है। बंगाल, तमिलनाडु और केरलम में जिन तीन सरकारों को जनता ने सत्ता से बाहर किया उनकी एक समान पहचान थी, विभाजन की राजनीति। यही उनकी पहचान थी।
उनकी राजनीति जोड़ने की नहीं, तोड़ने की थी। कभी भाषा के नाम पर विवाद खड़ा किया गया, कभी खाने-पीने की आदतों को लेकर समाज को बांटने की कोशिशें हुईं, कभी अपने ही देश के लोगों को तक बाहरी कहा गया लेकिन भारत की जनता ने इस राजनीति को साफ जवाब दिया है। देश ने बता दिया है कि उसे विवाद नहीं विकास चाहिए, विभाजन नहीं विश्वास चाहिए।