पुरुषोत्तम मासः श्रीमथुराधीश मंदिर में नौका विहार और प्रेमनिधि मंदिर में व्यंजन द्वादशी का आयोजन

आगरा। पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) के पावन अवसर पर आगरा के विभिन्न पुष्टिमार्गीय मंदिरों में ठाकुर श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़े विशेष मनोरथ एवं उत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाए गए। श्रीमथुराधीश मंदिर में नौका विहार उत्सव तथा नाई की मंडी स्थित श्री प्रेमनिधि मंदिर में व्यंजन द्वादशी का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भक्ति रस का आनंद लिया।

May 28, 2026 - 21:55
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पुरुषोत्तम मासः श्रीमथुराधीश मंदिर में नौका विहार और प्रेमनिधि मंदिर में व्यंजन द्वादशी का आयोजन
यमुना किनारा स्थित श्रीमथुराधीश जी महाराज मंदिर में आयोजित नौका विहार उत्सव की एक झलक।

प्राचीन पुष्टिमार्गीय श्रीठाकुर मथुराधीश जी महाराज के मंदिर में पुरुषोत्तम मास के अंतर्गत आज नौका विहार उत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। भगवान श्रीकृष्ण को आकर्षक पुष्प श्रृंगार से सुसज्जित कर विशेष रूप से सजाई गई नौका में विराजमान कर मनोहारी झांकी प्रस्तुत की गई।

मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और ठाकुरजी के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर भक्त भाव-विभोर हो उठे। पूरे परिसर में जय श्रीकृष्ण के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो गया।

उत्सव के दौरान वैष्णव संप्रदाय की परंपराओं के अनुसार भजन-कीर्तन, संकीर्तन और विशेष आरती का आयोजन किया गया। महिलाओं और बच्चों ने भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से उत्सव में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

यमुना भक्त बृज खंडेलवाल और महन्त नन्दन श्रोत्रिय ने बताया कि नौका विहार उत्सव भगवान श्रीकृष्ण की जल विहार लीला का प्रतीक है, जिसे हर वर्ष श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है।

प्रेमनिधि मंदिर में व्यंजन द्वादशी का आयोजन

नाई की मंडी, कटरा हाथी शाह स्थित श्री प्रेमनिधि मंदिर में श्री पुरुषोत्तम (अधिक मास) मनोरथ महोत्सव के अंतर्गत व्यंजन द्वादशी का आयोजन अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ किया गया। ठाकुर श्री श्याम बिहारी (श्री बड़े गोविन्द) जी महाराज को विविध प्रकार के व्यंजनों का भव्य महाभोग अर्पित किया गया। मंदिर परिसर को आकर्षक रूप से सजाया गया और कीर्तन सेवा के साथ वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो उठा।

पुष्टिमार्ग के द्वितीय आचार्य विट्ठलनाथ जी (गोसाईं जी) द्वारा प्रारंभ की गई व्यंजन द्वादशी की परंपरा वात्सल्य रस और ठाकुरजी के लाड़-लड़ाने की भावना का प्रतीक मानी जाती है। इस अवसर पर विविध प्रकार के व्यंजन ठाकुरजी को अर्पित किए गए। महाआरती के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरण किया गया। मंदिर प्रशासन के अनुसार दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही।

इस अवसर पर बृजेश, निखिल, शिवाशीष, राघव, आव्या श्रोत्रिय, तपस्या, प्रशान्त भारद्वाज, ओजस्वी भारद्वाज, राजीव पचौरी, राकेश शर्मा सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। प्रेमनिधि मंदिर में हरिमोहन गोस्वामी, सुनीत गोस्वामी, दिनेश पचौरी, मनोज गुप्ता सहित अनेक सेवाधिकारी एवं कार्यकर्ता व्यवस्था में सक्रिय रहे।

SP_Singh AURGURU Editor