पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से अंततः राजा वडिंग की विदाई हो ही गई, चन्नी से टकराव के बीच प्रदेश अध्यक्ष ने छोड़ा पद, एक बार फिर उभरी गुटबाजी, भूपेश बघेल के बाद सचिन पायलट को पंजाब की जिम्मेदारी मिलने के बाद से बदलाव की अटकलें लगने लगी थीं
चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से चल रही संगठनात्मक खींचतान के बीच प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने पद से इस्तीफा दे दिया है। 30 सितंबर की देर रात सामने आए इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया तेज हो गई है। वडिंग की विदाई ऐसे समय हुई है, जब पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी समेत पार्टी के कई नेता प्रदेश संगठन में बदलाव की मांग को लेकर सक्रिय थे। कांग्रेस हाईकमान द्वारा पहले पंजाब प्रभारी बदले जाने और अब प्रदेश अध्यक्ष के इस्तीफे से राज्य कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
राजा वडिंग ने अप्रैल 2022 में पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली थी। यह वह समय था जब कांग्रेस को विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के हाथों बड़ी हार का सामना करना पड़ा था। उस चुनाव में चरणजीत सिंह चन्नी कांग्रेस के मुख्यमंत्री पद के चेहरे थे। चुनाव परिणाम के बाद पार्टी नेतृत्व ने संगठन में बदलाव करते हुए वडिंग को प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंपी थी।
वडिंग के अध्यक्ष बनने के बाद भी पंजाब कांग्रेस के भीतर नेतृत्व और संगठन को लेकर मतभेद खत्म नहीं हुए। पिछले कुछ महीनों में यह विवाद खुलकर सामने आया। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और वडिंग के बीच प्रदेश संगठन को लेकर मतभेद लगातार चर्चा में रहे। चन्नी खेमे की ओर से प्रदेश अध्यक्ष में बदलाव की मांग उठती रही, जबकि शुरुआती दौर में हाईकमान ने वडिंग को पद पर बनाए रखा।
पार्टी नेतृत्व ने इसके साथ ही चन्नी को चुनाव अभियान से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देकर दोनों पक्षों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की। लेकिन संगठन में चल रही खींचतान पूरी तरह समाप्त नहीं हुई। आने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस नेतृत्व ने सितंबर में पंजाब संगठन में एक और बड़ा बदलाव किया।
कांग्रेस ने भूपेश बघेल को पंजाब प्रभारी पद से हटाकर सचिन पायलट को नई जिम्मेदारी सौंपी। बघेल को असम का प्रभारी बनाया गया। पायलट के पंजाब प्रभारी बनने के बाद उन्होंने प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं से बातचीत कर संगठन की स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद प्रदेश नेतृत्व में बदलाव की अटकलें तेज हो गईं।
वडिंग के इस्तीफे से पहले ही कांग्रेस हाईकमान की ओर से प्रदेश अध्यक्ष बदलने का फैसला किए जाने की खबर सामने आ चुकी थी। पार्टी नेतृत्व की ओर से वडिंग को फैसले की जानकारी दिए जाने के बाद उन्होंने पद छोड़ दिया। इस तरह उनका इस्तीफा लंबे समय से चल रही संगठनात्मक खींचतान के बीच नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया का हिस्सा बन गया।
चन्नी-वडिंग विवाद के बीच बदली तस्वीर
पंजाब कांग्रेस में चन्नी और वडिंग के बीच मतभेद इस पूरे घटनाक्रम का प्रमुख राजनीतिक संदर्भ रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष को बदलने की मांग और हाईकमान के शुरुआती रुख के बीच पार्टी में अलग-अलग खेमों की सक्रियता दिखाई देती रही। अब वडिंग के पद से हटने के बाद पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व का नया समीकरण बनने की संभावना है।
नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर चर्चा तेज
राजा वडिंग के इस्तीफे के बाद कांग्रेस में नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। पार्टी में विजय इंदर सिंगला, परगट सिंह और सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत कई नेताओं के नाम संभावित दावेदारों के रूप में सामने आए हैं। अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान को करना है।
पंजाब में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है। चुनाव से कुछ महीने पहले प्रदेश अध्यक्ष का बदलना कांग्रेस के लिए संगठनात्मक स्तर पर बड़ा बदलाव है। अब नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति के साथ पार्टी के सामने प्रदेश संगठन को एकजुट करने और चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाने की चुनौती रहेगी।