ट्रांसपोर्टर असगर अली हत्याकांड के मुख्य आरोपी रवि यादव ने किया सरेंडर, पुलिस ने तेज की जांच

आगरा के चर्चित ट्रांसपोर्टर असगर अली हत्याकांड में आरोपी रवि यादव ने पुराने मुकदमे में कोर्ट में सरेंडर कर जेल चला गया। पुलिस ने कौरई टोल प्लाजा से CCTV फुटेज मांगे हैं और हत्या से पहले रेकी की आशंका जताई है। फरार आरोपी कामरान वारसी की तलाश जारी है। डीसीपी सय्यद अली अब्बास के अनुसार जांच तेजी से चल रही है और जल्द खुलासा हो सकता है।

May 19, 2026 - 15:31
May 19, 2026 - 15:43
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ट्रांसपोर्टर असगर अली हत्याकांड के मुख्य आरोपी रवि यादव ने किया सरेंडर, पुलिस ने तेज की जांच
कोर्ट में सरेंडर से पहले अपने अधिवक्ता के साथ ट्रांसपोर्टर असगर अली का हत्यारोपी रवि यादव।

आगरा। आगरा के चर्चित असगर अली हत्याकांड में मंगलवार को बड़ा मोड़ सामने आया, जब पुलिस की लगातार दबिश और तलाश के बीच वांछित आरोपी रवि यादव ने पुलिस को चकमा देते हुए अदालत में सरेंडर कर दिया। रवि यादव ने सीधे हाजिर होकर खुद को कानून के हवाले किया, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया।

बताया जा रहा है कि पुलिस कई दिनों से रवि यादव की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। इसके बावजूद वह पुलिस की पकड़ से बाहर रहा और अंततः हरीपर्वत थाने में दर्ज वर्ष 2019 के एक पुराने मुकदमे में अदालत के समक्ष पेश हो गया। रवि यादव को अधिवक्ता अवनीश कुमार बैश और बिलाल अहमद द्वारा कोर्ट में प्रस्तुत कराया गया। कोर्ट में पेशी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

जानकारी के अनुसार, यह पुराना मुकदमा वर्ष 2019 में दर्ज वीवीआईपी विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। इस मामले में रवि यादव समेत नौ नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। आरोप था कि प्रदर्शन के दौरान डिप्टी सीएम के काफिले को रोकने, काले झंडे दिखाने और हंगामा करने की कोशिश की गई थी। मामले में सरकारी कार्य में बाधा डालने, धमकी देने और लोक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई थीं।

इधर, रवि यादव के सरेंडर के साथ ही चर्चित असगर अली हत्याकांड की जांच और तेज हो गई है। पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम को कई एंगल से जोड़कर देख रही है। सूत्रों के मुताबिक जांच टीम ने कौरई टोल प्लाजा से 3 अप्रैल की रात के सीसीटीवी फुटेज तलब किए हैं। पुलिस को आशंका है कि हत्या से पहले आरोपितों द्वारा ट्रांसपोर्टर असगर अली की रेकी की गई थी।

जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि घटना वाली रात असगर अली फतेहपुर सीकरी गए थे। इसी दौरान जीएसटी टीम द्वारा उनके एक ट्रक को पकड़े जाने की सूचना भी पुलिस के हाथ लगी है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि ट्रक पकड़े जाने और हत्या की साजिश के बीच कोई संबंध तो नहीं था।

हालांकि रवि यादव जेल पहुंच चुका है, लेकिन पुलिस की नजर अब भी फरार आरोपी कामरान वारसी पर टिकी हुई है। उसकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और तकनीकी सर्विलांस की मदद से लोकेशन ट्रैक की जा रही है।

मामले को लेकर डीसीपी सय्यद अली अब्बास ने कहा कि पुलिस हर पहलू पर गंभीरता से जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और जल्द ही इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में बड़े खुलासे हो सकते हैं।