आगरा समेत कई जिलों में रेड अलर्ट, अगले तीन घंटे में 90 किमी रफ्तार की आंधी, ओलावृष्टि और बारिश की चेतावनी

मौसम विज्ञान विभाग और सचेत ऐप ने आगरा समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लिए अगले 24 घंटों का रेड अलर्ट जारी किया है। चेतावनी में 70 से 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी, ओलावृष्टि, वज्रपात और भारी बारिश की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से घरों में रहने, पेड़ों और बिजली के तारों से दूर रहने तथा सुरक्षा मानकों का पालन करने की अपील की है।

May 28, 2026 - 19:39
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आगरा समेत कई जिलों में रेड अलर्ट, अगले तीन घंटे में 90 किमी रफ्तार की आंधी, ओलावृष्टि और बारिश की चेतावनी

आगरा। मौसम विज्ञान विभाग और सचेत ऐप द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार अगले तीन  घंटे में  जनपद आगरा सहित प्रदेश के कई जिलों में मौसम बेहद खराब रहने की आशंका जताई गई है। विभाग ने तीव्र आंधी-तूफान, ओलावृष्टि, वज्रपात और भारी वर्षा को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने नागरिकों को सतर्क रहने और सुरक्षा मानकों का पालन करने संबंधी मैसेज भी जारी किया है। 

जारी चेतावनी के मुताबिक कुछ स्थानों पर 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि कई इलाकों में हवा की गति 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। मौसम विभाग ने बताया कि गरज-चमक के साथ भारी बारिश और ओलावृष्टि भी जनजीवन को प्रभावित कर सकती है।

रेड अलर्ट वाले जनपदों में आगरा, अलीगढ़, औरैया, बरेली, बिजनौर, एटा, इटावा, फिरोजाबाद, हमीरपुर, हाथरस, जालौन, झांसी, महोबा, मैनपुरी, मथुरा, सहारनपुर और शामली शामिल हैं।

जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि आंधी-तूफान के दौरान घरों के अंदर ही रहें और अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। बड़े होर्डिंग्स, साइनबोर्ड, जर्जर दीवारों और पुराने पेड़ों के नीचे खड़े होने या आश्रय लेने से मना किया गया है, क्योंकि तेज हवाओं के कारण इनके गिरने का खतरा बना रहता है।

मेघगर्जन और वज्रपात के दौरान लोगों को इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग बंद करने तथा खुले मैदान, तालाब, खेत और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने किसानों से भी सतर्क रहने और फसलों के साथ-साथ मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर रखने को कहा है।

ओलावृष्टि की स्थिति में लोगों को सिर ढककर सुरक्षित स्थान पर रहने तथा पालतू और मवेशियों को पक्के शेड के नीचे बांधने की सलाह दी गई है। इसके अलावा जलभराव वाले रास्तों, खुले नालों और गिरे हुए बिजली के तारों या खंभों से पर्याप्त दूरी बनाए रखने को कहा गया है।

आपदा प्रबंधन विभाग, विद्युत विभाग और स्थानीय प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए जा सकें।