ट्रांसपोर्टर असगर अली हत्याकांड में फरार रवि व कामरान पर जल्द हो सकता है इनाम घोषित

आगरा के ट्रांसपोर्टर असगर अली हत्याकांड में फरार आरोपी रवि यादव और कामरान वारसी पर जल्द इनाम घोषित हो सकता है। वायरल ऑडियो, लोकेशन डेटा और बरामद कार के आधार पर पुलिस जांच तेज हो गई है। मामले में कई अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के घेरे में है।

May 17, 2026 - 15:59
 0
ट्रांसपोर्टर असगर अली हत्याकांड में फरार रवि व कामरान पर जल्द हो सकता है इनाम घोषित
ट्रांसपोर्टर असगर अली

आगरा। आगरा के चर्चित ट्रांसपोर्टर असगर अली हत्याकांड में पुलिस जांच लगातार तेज होती जा रही है। मामले में फरार चल रहे रवि यादव और कामरान वारसी पर जल्द ही इनाम घोषित किया जा सकता है। दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

पुलिस जांच के दौरान सामने आए एक वायरल ऑडियो ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। वायरल ऑडियो में रवि यादव खुद को उस कार में मौजूद बता रहा है, जिसका इस्तेमाल वारदात में किया गया था। पुलिस ने इस ऑडियो को जांच में शामिल कर लिया है और अब इसकी फोरेंसिक जांच कराई जाएगी।

डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि वायरल ऑडियो से जांच एजेंसियों को कई अहम सुराग मिले हैं। पुलिस अब ऑडियो की आवाज का मिलान कराकर तकनीकी साक्ष्य जुटाने में लगी है।

इसी बीच पुलिस ने शाहगंज क्षेत्र के पथौली जंगल से घटना में प्रयुक्त संदिग्ध कार भी बरामद कर ली है। जांच में पता चला है कि कार पहले अरुण नामक व्यक्ति के नाम पर थी, जिसे बाद में प्रेम नारायण को बेच दिया गया था। अब पुलिस इस वाहन के स्वामित्व और इस्तेमाल से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

मामले में डॉ. अजय कुमार यादव और उनके भाई अरुण की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की साजिश और वारदात में उनकी कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भूमिका थी या नहीं।

गौरतलब है कि चार अप्रैल को ट्रांसपोर्टर असगर अली की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। शुरुआत में पुलिस इसे सड़क हादसा मान रही थी, लेकिन बाद में जांच में सामने आए तथ्यों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में हत्या की धाराएं बढ़ाई गईं।

सूत्रों के अनुसार, घटना वाले दिन रवि यादव की लोकेशन घटनास्थल के आसपास मिली थी, जिसके बाद जांच ने तेजी पकड़ ली। पुलिस को कुछ होटल संचालकों से धमकाने और दबाव बनाने की शिकायतें भी मिली हैं। साथ ही जीएसटी ऑफिस में सक्रिय एक कथित गैंग से आरोपियों के संबंधों की भी जांच की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।