सीमा तक साहस की सवारी: बरेली से लिपुलेख दर्रे के लिए रवाना हुई ‘जोरावर साइकिल रैली’, लेफ्टिनेंट जनरल ने दिखाई हरी झंडी

बरेली। देशभक्ति, साहस और राष्ट्रीय एकता का संदेश लेकर भारतीय सेना की ‘जोरावर साइकिल रैली’ शनिवार को बरेली से लिपुलेख दर्रे की चुनौतीपूर्ण यात्रा के लिए रवाना हुई। मुख्यालय उत्तर भारत (HQ UB) बरेली में आयोजित समारोह में लेफ्टिनेंट जनरल डी. जी. मिश्रा, एवीएसएम, जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर सेना के अधिकारियों और जवानों ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।

Mar 14, 2026 - 22:04
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सीमा तक साहस की सवारी: बरेली से लिपुलेख दर्रे के लिए रवाना हुई ‘जोरावर साइकिल रैली’, लेफ्टिनेंट जनरल ने दिखाई हरी झंडी
भारतीय सेना की जोरावर साइकिल रैली को शनिवार को बरेली में हरी झंडी दिखाकर रवाना करते लेफ्टिनेंट जनरल डीजी मिश्रा।

सेना के जनसंपर्क अधिकारी द्वारिका प्रसाद ने जानकारी देते हुए बताया कि यह साइकिल रैली बरेली से निकलकर उत्तराखंड के दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों से होते हुए लिपुलेख दर्रे की ओर बढ़ेगी। यह मार्ग भौगोलिक रूप से कठिन और चुनौतीपूर्ण माना जाता है, लेकिन यही चुनौती इस रैली को विशेष बनाती है।

साहस, देशभक्ति और एकता का संदेश

जोरावर साइकिल रैली केवल एक खेल या साहसिक यात्रा नहीं है, बल्कि यह साहस, दृढ़ता, देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। सेना द्वारा आयोजित यह पहल नागरिकों और सशस्त्र बलों के बीच विश्वास और सहयोग को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है।

पूर्व सैनिकों से मुलाकात और युवाओं को प्रेरणा

रैली के दौरान टीम विभिन्न शहरों और गांवों में रुकते हुए पूर्व सैनिकों से मुलाकात करेगी और उनके परिवारों का हालचाल जानेगी। इन मुलाकातों का उद्देश्य राष्ट्र निर्माण में पूर्व सैनिकों के अमूल्य योगदान का सम्मान करना और उनके साथ जुड़ाव को मजबूत करना है।

इसके साथ ही रैली दल विभिन्न विद्यालयों का भी दौरा करेगा, जहां विद्यार्थियों को भारतीय सेना में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। सेना के अधिकारी छात्रों को देश सेवा, अनुशासन और नेतृत्व के महत्व के बारे में बताएंगे, ताकि युवा पीढ़ी गर्व के साथ राष्ट्र की रक्षा के लिए आगे आए।

पिथौरागढ़ में होगा रैली का समापन

जोरावर साइकिल रैली का औपचारिक समापन पिथौरागढ़ में फ्लैग-इन समारोह के साथ किया जाएगा। इस दौरान सेना के वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय प्रशासन रैली दल का स्वागत करेंगे।

भारतीय सेना का मानना है कि इस तरह की पहल से समाज में देशभक्ति की भावना, युवाओं में प्रेरणा और सेना के प्रति सम्मान और अधिक मजबूत होता है।

SP_Singh AURGURU Editor