पूर्व ओलंपियन अंकित शर्मा पर 5 हजार का इनाम, फर्जी जन्म प्रमाण पत्र से उम्र घटाने का आरोप

रियो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके तिहरी कूद के खिलाड़ी अंकित शर्मा पर मुरैना पुलिस ने पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। उन पर कथित तौर पर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र के जरिए उम्र कम दिखाने, कम उम्र की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने और खेल कोटे से आयकर विभाग में नौकरी पाने का आरोप है। उनके ससुर डॉ. आनंद तिवारी ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं, अंकित के भाई नीरज शर्मा ने आरोपों को गलत बताते हुए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।

Oct 13, 2026 - 01:30
 0
पूर्व ओलंपियन अंकित शर्मा पर 5 हजार का इनाम, फर्जी जन्म प्रमाण पत्र से उम्र घटाने का आरोप
पूर्व ओलंपियन अंकित शर्मा

रियो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके तिहरी कूद के खिलाड़ी की मुरैना पुलिस को तलाश, ससुर ने दर्ज कराया धोखाधड़ी का मुकदमा, भाई ने कार्रवाई पर उठाए सवाल

आगरा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके एथलीट और पूर्व ओलंपियन अंकित शर्मा कानूनी विवाद में घिर गए हैं। मुरैना पुलिस ने उनके खिलाफ पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। आरोप है कि अंकित शर्मा ने अपनी वास्तविक उम्र कम दिखाने के लिए कथित तौर पर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाया और उसके आधार पर शैक्षिक दस्तावेज तैयार कराए। इसी दस्तावेज के जरिए कम उम्र की खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर पदक जीतने और बाद में खेल कोटे से आयकर विभाग में नौकरी हासिल करने का आरोप भी लगाया गया है।

मुरैना के पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना ने सोमवार को अंकित शर्मा पर इनाम घोषित किया। उनके खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज है और पुलिस उनकी तलाश कर रही है। मूलरूप से आगरा जिले के पिनाहट कस्बे के अरनौटा रोड निवासी अंकित शर्मा वर्तमान में चेन्नई में आयकर निरीक्षक के पद पर तैनात बताए जा रहे हैं। हालांकि, अंकित शर्मा के परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनके भाई नीरज शर्मा ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि मुकदमा दर्ज होने के बाद वारंट जारी होने की प्रक्रिया पूरी हुए बिना इनाम घोषित करना सवाल खड़े करता है।

1987 की जन्मतिथि के बावजूद 1992 का प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप

मामले में शिकायत के अनुसार, अंकित शर्मा की वास्तविक जन्मतिथि एक अगस्त 1987 है। आरोप है कि उन्होंने खेल प्रतियोगिताओं में उम्र संबंधी पात्रता का लाभ लेने के लिए जन्मतिथि बदलकर 20 जुलाई 1992 दर्शाने वाला कथित फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार कराया। शिकायत में कहा गया है कि इस दस्तावेज के आधार पर स्कूलों में दाखिले और शैक्षिक प्रमाण पत्रों से संबंधित रिकॉर्ड तैयार कराए गए। इससे अंकित की उम्र सरकारी दस्तावेजों में लगभग पांच वर्ष कम हो गई।

आरोप है कि उम्र में इस अंतर का फायदा उठाकर उन्होंने अपने से पांच-छह साल कम उम्र के खिलाड़ियों के साथ प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और पदक हासिल किए। बाद में इन्हीं खेल उपलब्धियों के आधार पर खेल कोटे से सरकारी नौकरी प्राप्त करने का भी आरोप लगाया गया है। इन आरोपों की पुष्टि संबंधित दस्तावेजों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर होनी है।

पिनाहट से मुरैना तक शैक्षिक रिकॉर्ड पर उठे सवाल

मामले में अंकित शर्मा की शुरुआती पढ़ाई और अलग-अलग स्कूलों में दाखिले के रिकॉर्ड महत्वपूर्ण बताए जा रहे हैं। शिकायत के मुताबिक, उन्होंने पिनाहट क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय विप्रावली से वर्ष 1995 में पांचवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। इसके बाद गुलजारीलाल चुन्नीलाल जैन हाईस्कूल, पिनाहट और सर्वोदय विद्या मंदिर, पिनाहट में पढ़ाई की। शिकायत में वर्ष 1999 से 2004 के बीच उनकी आठवीं से 12वीं तक की पढ़ाई का उल्लेख किया गया है।

दूसरी ओर, आरोप है कि अंकित शर्मा ने 29 जुलाई 2002 को मुरैना के शासकीय ज्योति विद्यालय में दाखिला लिया और वर्ष 2003 में आठवीं की परीक्षा पास की। इस स्कूल में दाखिले के लिए कथित तौर पर जन्मतिथि 20 जुलाई 1992 दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि दोनों जगहों के शैक्षिक रिकॉर्ड और जन्मतिथि में अंतर की जांच से कथित फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। पुलिस इसी मामले में दर्ज धोखाधड़ी के मुकदमे के आधार पर कार्रवाई कर रही है।

रियो ओलंपिक में किया था भारत का प्रतिनिधित्व

अंकित शर्मा भारतीय एथलेटिक्स में तिहरी कूद के खिलाड़ी के रूप में पहचान बना चुके हैं। उन्होंने वर्ष 2016 में दक्षिण एशियाई खेलों में तिहरी कूद स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। इसी वर्ष उन्होंने रियो ओलंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया। उनकी खेल उपलब्धियों के चलते यह मामला और महत्वपूर्ण हो गया है। आरोप सही साबित होने की स्थिति में उम्र संबंधी दस्तावेजों, खेल प्रतियोगिताओं में पात्रता और खेल कोटे से सरकारी नियुक्ति की प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो सकते हैं। हालांकि, इन उपलब्धियों और कथित दस्तावेजी अनियमितताओं के बीच संबंध को जांच के निष्कर्षों से ही स्थापित किया जा सकेगा।

पुलिस को नहीं मिल रहे अंकित

मामले में शिकायतकर्ता अंकित शर्मा के ससुर डॉ. आनंद तिवारी बताए गए हैं, जो ग्वालियर के निवासी हैं। उन्होंने करीब दो महीने पहले मुरैना के कोतवाली थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस के मुताबिक, मुकदमा दर्ज होने के बाद से अंकित शर्मा की तलाश की जा रही है। उनके उपलब्ध नहीं होने के कारण मुरैना पुलिस अधीक्षक ने पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। अंकित शर्मा चेन्नई में आयकर निरीक्षक के पद पर तैनात बताए जाते हैं।

भाई ने पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल

दूसरी ओर, अंकित शर्मा के भाई नीरज शर्मा ने पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति जताई है। पिनाहट निवासी नीरज का कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के तीन महीने बाद वारंट जारी होने की बात होती है, लेकिन उनके अनुसार अभी तक कोई वारंट जारी नहीं हुआ है। ऐसे में इससे पहले इनाम घोषित किए जाने पर उन्होंने सवाल उठाए हैं।

नीरज शर्मा ने आरोपों को गलत बताते हुए पुलिस पर गुमराह करने का आरोप भी लगाया है। परिवार के इस बयान के बाद मामले में दोनों पक्षों के दावों को लेकर विवाद सामने आया है। फिलहाल, मुरैना पुलिस अंकित शर्मा की तलाश कर रही है। कथित फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, अलग-अलग शैक्षिक रिकॉर्ड और खेल कोटे से नियुक्ति से जुड़े आरोपों पर जांच की स्थिति आगे की कार्रवाई में अहम होगी। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।