सऊदी अरब ही कर रहा साजिश ?   क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ट्रंप से जंग जारी रखने की कर रहे जिद

मिडिल ईस्ट जंग के कारण सऊदी अरब को आर्थिक और सुरक्षा संबंधी नुकसान उठाने पड़े हैं। सऊदी सरकार ने कहा कि हमारी सबसे बड़ी चिंता अपने लोगों को हमले से बचाना है।

Mar 24, 2026 - 22:24
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 सऊदी अरब ही कर रहा साजिश ?   क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ट्रंप से जंग जारी रखने की कर रहे जिद

वाशिंगटन। मिडिल ईस्ट में जारी जंग के कारण पूरी दुनिया में तेल संकट का खतरा मंडराने लगा है। इस बीच एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रखने की जिद कर रहे हैं। उन्होंने इस जंग को क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति को बदलने में महत्वपूर्ण अवसर बताया।

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस ने ट्रंप के साथ हालिया बातचीत में ईरान पर लगातार दबाव बनाए रखने पर जोर दिया है। उन्होंने ये भी कहा कि ईरान खाड़ी देशों के लिए खतरा है, जिसका समाधान वर्तमान सरकार को हटाकर ही किया जा सकता है। हालांकि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी ईरान को खतरे के रूप में देखते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सऊदी अरब की चिंताएं अलग हैं। इन रिपोर्ट्स के बावजूद, सऊदी अरब ने सार्वजनिक रूप से युद्ध को लंबा खींचने के लिए दबाव डालने से इनकार किया है।

एक आधिकारिक बयान में सऊदी सरकार ने कहा, 'हमने इस जंग के शुरू होने से पहले भी हमेशा इसके शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन किया है। आज हमारी सबसे बड़ी चिंता अपने लोगों और उनके घरों पर हो रहे रोजाना हमलों से उनकी रक्षा करना है। ईरान ने राजनयिक समाधानों के बजाय खतरनाक टकराव का रास्ता चुना है। इससे सभी संबंधित पक्षों को नुकसान पहुंचा है लेकिन सबसे ज्यादा नुकसान ईरान का ही हुआ है।

इस युद्ध के कारण सऊदी अरब को पहले ही आर्थिक और सुरक्षा संबंधी नुकसान उठाने पड़े हैं। अमेरिका-इजरायल हमलों के जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया, जिससे तेल बाजार बाधित हो गया। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के प्रभावित होने का असर  सऊदी अरब, यूएई और कुवैत सहित खाड़ी देशों से होने वाले निर्यात पर पड़ा है। ट्रंप कभी तनाव कम करने का संकेत देते हैं तो कभी तनाव बढ़ाने का इशारा करते हैं।

न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ईरान के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने सहित और भी कड़ी कार्रवाई के पक्ष सहमति जताई। रिपोर्ट में दावा किया गया कि मोहम्मद बिन सलमान ने तेहरान में सरकार को कमजोर करने के लिए जमीनी कार्रवाई का भी सुझाव दिया।