दो पैन कार्ड केस में सेशन कोर्ट द्वारा सपा नेता आज़म खान की सज़ा सात साल से बढ़ाकर 10 साल की गई, बेटे अब्दुल्ला की सज़ा यथावत, दोनों के जुर्माने में भारी इज़ाफा

रामपुर के बहुचर्चित दो पैन कार्ड मामले में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आज़म खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म खान को सेशन कोर्ट से बड़ा कानूनी झटका लगा है। एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट के न्यायाधीश डॉ विजय कुमार ने अभियोजन पक्ष की सज़ा वृद्धि संबंधी अपील पर सुनवाई करते हुए निचली अदालत के फैसले में बड़ा बदलाव कर दिया है। अदालत ने आज़म खान की सज़ा 7 वर्ष से बढ़ाकर 10 वर्ष कर दी है, जबकि अब्दुल्ला आज़म खान की सज़ा 7 वर्ष ही बरकरार रखी गई है, लेकिन दोनों पर जुर्माने की राशि में भारी वृद्धि की गई है।

May 23, 2026 - 20:39
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दो पैन कार्ड केस में सेशन कोर्ट द्वारा सपा नेता आज़म खान की सज़ा सात साल से बढ़ाकर 10 साल की गई, बेटे अब्दुल्ला की सज़ा यथावत, दोनों के जुर्माने में भारी इज़ाफा

-आरके सिंह-

रामपुर। रामपुर के बहुचर्चित दो पैन कार्ड मामले में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आज़म खान और उनके बेटे अब्दुल्लाह आज़म खान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने अभियोजन पक्ष की सज़ा वृद्धि संबंधी अपील पर सुनवाई करते हुए निचली अदालत के फैसले में बड़ा बदलाव किया है। कोर्ट ने आज़म खान की 7 साल की सज़ा को बढ़ाकर अब 10 साल कर दिया है और 50 हजार रुपये के जुर्माने को बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया है, जबकि अब्दुल्लाह आज़म खान की 7 साल की सज़ा को यथावत रखते हुए केवल जुर्माने में बढ़ोतरी की गई है, जिसे 50 हजार से बढ़ाकर साढ़े 3 लाख रुपये कर दिया गया है।

इससे पहले एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने दोनों को दोषी करार देते हुए 7-7 साल की कैद और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सज़ा सुनाई थी। इसके खिलाफ राज्य पक्ष ने सज़ा वृद्धि की मांग को लेकर अपील दाखिल की थी, जिस पर आज सेशन कोर्ट ने सुनवाई करते हुए यह महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है।

मामला वर्ष 2019 का है, जिसमें आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दो पैन कार्ड बनवाए गए और उनका उपयोग किया गया। इसी मामले में ट्रायल कोर्ट द्वारा दोषसिद्धि के बाद सज़ा सुनाई गई थी, जिसके खिलाफ सज़ा बढ़ाने की अपील राज्य पक्ष की ओर से दाखिल की गई थी।

सेशन कोर्ट के न्यायाधीश डॉ विजय कुमार ने सभी तथ्यों, साक्ष्यों और अपील पर विचार करते हुए यह सज़ा वृद्धि का आदेश पारित किया है। फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है और इसे एक अहम न्यायिक निर्णय माना जा रहा है।

भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताया है और कहा है कि कोर्ट ने सज़ा वृद्धि की अपील को स्वीकार करते हुए महत्वपूर्ण निर्णय दिया है। वहीं सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सीमा सिंह राणा ने बताया कि राज्य की अपील पर सभी धाराओं में सज़ा और जुर्माने में वृद्धि की गई है, जिसमें आज़म खान की सज़ा 10 वर्ष और अब्दुल्लाह आज़म खान की सज़ा 7 वर्ष ही बरकरार रखते हुए जुर्माने में बढ़ोतरी की गई है।

इस विषय पर सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सीमा सिंह राणा ने बताया कि राज्य की जो अपील सज़ा वृद्धि को लेकर लगाई गई थी उस पर न्यायालय द्वारा दी गई सजा सात साल की थी। उसमें जितने भी सेक्शंस हैं, सभी में सज़ा वृद्धि की गई है। सेशन न्यायालय के द्वारा मोहम्मद आज़म खान को अधिकतम 10 वर्ष की सज़ा दी गई है और जितने भी सेक्शन हैं उसमें जुर्माना बढ़ाया गया है। बाकी अब्दुल्लाह आज़म खान की सज़ा 7 साल की ही है लेकिन जुर्माने की जो धनराशि है वह न्यायालय द्वारा बढ़ाई गई है।

उन्होंने बताया कि पहले निचली अदालत द्वारा जितने भी सेक्शंस हैं उसमें 10-10 हजार का जुर्माना लगाया गया था, अब अब्दुल्ला आज़म खान पर 3.5 लाख का जुर्माना सभी सेक्शंस में लगाया गया है और मोहम्मद आज़म खान पर 5 लाख का जुर्माना सभी सेक्शंस में लगाया गया है।

SP_Singh AURGURU Editor