फिरोजाबाद के पल्या गांव में रिहायशी इलाके के पास पहुंचा सात फुट लंबा मगरमच्छ, वन विभाग और वाइल्डलाइफ एसओएस ने संयुक्त रूप से किया रेस्क्यू

फिरोजाबाद। जसराना के पल्या गांव में रिहायशी इलाके के पास खेत में सात फुट लंबा मगरमच्छ मिलने से ग्रामीणों में खलबली मच गई। इंसानों और वन्यजीव के बीच संभावित संघर्ष की आशंका को देखते हुए उत्तर प्रदेश वन विभाग और वाइल्डलाइफ एसओएस ने संयुक्त अभियान चलाकर मगरमच्छ को सुरक्षित रेस्क्यू किया। सूचना मिलने के बाद वाइल्डलाइफ एसओएस की तीन सदस्यीय रैपिड रिस्पॉन्स टीम ने मौके तक पहुंचने के लिए 100 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की।

Sep 24, 2026 - 20:56
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फिरोजाबाद के पल्या गांव में रिहायशी इलाके के पास पहुंचा सात फुट लंबा मगरमच्छ, वन विभाग और वाइल्डलाइफ एसओएस ने संयुक्त रूप से किया रेस्क्यू
फिरोजाबाद के पल्या गांव से रेस्क्यू किये गये मगरमच्छ को नदी में छोड़ती वाइल्डलाइफ एसओएस की टीम।

वन विभाग ने टीम के पहुंचने से पहले ही इलाके को सुरक्षित कर लिया था। मगरमच्छ के पास ग्रामीणों को जाने से रोकने के लिए क्षेत्र की घेराबंदी की गई। इसके बाद रेस्क्यू टीम ने सावधानीपूर्वक मगरमच्छ को कब्जे में लिया। जांच में वह पूरी तरह स्वस्थ मिला और उसके शरीर पर किसी तरह की चोट या स्वास्थ्य संबंधी परेशानी नहीं पाई गई। रेस्क्यू के बाद उसे सुरक्षित तरीके से उपयुक्त प्राकृतिक आवास में ले जाकर छोड़ दिया गया।

समय पर सूचना और ग्रामीणों के सहयोग से बचा बड़ा खतरा

वाइल्डलाइफ एसओएस की सह-संस्थापक और सचिव गीता शेषमणि ने कहा कि जंगली जानवर इंसानी बस्तियों और अपने प्राकृतिक आवास के बीच की सीमाओं को नहीं समझते। मौसम में बदलाव और पानी के स्तर में उतार-चढ़ाव के कारण वन्यजीव कभी-कभी अपने सामान्य क्षेत्र से बाहर आ जाते हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में वन विभाग को समय पर सूचना मिलने और स्थानीय लोगों के सहयोग से रेस्क्यू सुरक्षित तरीके से पूरा किया जा सका।

वाइल्डलाइफ एसओएस के डायरेक्टर-कंजर्वेशन प्रोजेक्ट्स बैजू राज एम.वी. ने बताया कि खेत नहर के पास स्थित है। बारिश के मौसम में पानी का स्तर बढ़ने पर मगरमच्छ अपने सामान्य क्षेत्र से आगे बढ़ सकते हैं, जिससे लोगों से उनका सामना होने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे मामलों में समय पर सूचना देना और समुदाय को जागरूक करना बेहद जरूरी है, ताकि इंसानों और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

SP_Singh AURGURU Editor